नागपुर : दिवाली का त्योहार नजदीक है और बाजारों में खरीदारी की रौनक बढ़ने लगी है। लेकिन इसी बीच नागपुर के इतवारी सर्राफा बाजार से सामने आई एक घटना ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के आठ नामी सर्राफा कारोबारियों को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी भरे पत्र मिलने से पूरे बाजार में दहशत का माहौल है। पत्रों में 10 लाख रुपये की मांग की गई है। रकम नहीं देने पर कारोबारियों और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है।
मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस प्रशासन तक पहुंचा मामला
धमकी भरे पत्र मिलने के बाद सर्राफा व्यापारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। नागपुर सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपनी चिंता जाहिर की। इसके अलावा पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील को भी निवेदन सौंपा गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश रोकडे और सचिव अंशुल हरडे ने व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी धमकी से डरें नहीं और न ही किसी के दबाव में आएं। संगठन ने भरोसा दिलाया है कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है।
दिवाली की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के नए इंतजाम
दिवाली के दौरान इतवारी सर्राफा बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसोसिएशन ने कुछ अहम कदम उठाने का फैसला किया है। इसके तहत दुकानों के सामने फेरीवालों के बैठने पर रोक लगाई गई है। व्यापारियों ने अपने सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई व्यक्ति जबरन दुकान के सामने बैठता है, तो उसकी तस्वीर लेकर एसोसिएशन के माध्यम से पुलिस में शिकायत की जाएगी। बाजार में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पहले भी सामने आ चुका है धमकी का मामला
नागपुर में बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले राणाप्रतापनगर पुलिस थाना क्षेत्र के सुर्वेनगर में रहने वाले 60 वर्षीय व्यक्ति और कनाडा में काम करने वाली उनकी बेटी को भी 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाला धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था। इस मामले में एटीएस समेत अन्य जांच एजेंसियों ने भी जानकारी जुटाई थी।
व्यापारियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
त्योहारों के मौसम में जहां सर्राफा बाजार में कारोबार बढ़ने की उम्मीद रहती है, वहीं इस तरह की धमकियों ने व्यापारियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि त्योहारों की रौनक के बीच व्यापारी बिना किसी डर के अपना कारोबार कैसे कर पाएंगे।


