नागपुर : रबी सीजन में खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। मौसम की अनिश्चितता और फसल को होने वाले संभावित नुकसान से आर्थिक सुरक्षा देने के लिए संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है। नागपुर जिले के किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए 15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन के लिए फार्मर ID अनिवार्य रखी गई है।
नागपुर जिले में योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को सौंपी गई है। इस बार योजना में गेहूं और चना (हरभरा) फसलों को शामिल किया गया है। दोनों फसलों के लिए अलग-अलग बीमा सुरक्षा राशि और प्रीमियम निर्धारित किया गया है।
गेहूं के लिए 45 हजार, चने के लिए 36 हजार रुपये का बीमा
योजना के तहत गेहूं की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 45 हजार रुपये की बीमा सुरक्षा निर्धारित की गई है। इसके लिए किसान को प्रति हेक्टेयर केवल 45 रुपये प्रीमियम देना होगा। वहीं, चने की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 36 हजार रुपये का बीमा संरक्षण मिलेगा, जिसके लिए किसान का हिस्सा 360 रुपये तय किया गया है। योजना में आवेदन करने के लिए न्यूनतम 0.10 हेक्टेयर क्षेत्र की सीमा निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि कर्जदार और गैर-कर्जदार दोनों तरह के किसानों के लिए इस योजना में शामिल होना ऐच्छिक है।
फसल की सही जानकारी दर्ज करना जरूरी
बीमा का लाभ लेने के लिए केवल आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं होगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) के तहत खेत में बोई गई फसल का पंजीकरण कराना भी अनिवार्य है। यदि बीमा आवेदन में दर्ज फसल और डिजिटल सर्वे में दर्ज फसल के बीच अंतर पाया जाता है, तो डिजिटल सर्वे के रिकॉर्ड को ही अंतिम माना जाएगा। इसलिए किसानों को फसल की जानकारी दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
किराये पर खेती करने वाले किसान भी पात्र
इस योजना का लाभ उन किसानों को भी मिल सकेगा, जो कुळ या ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं। हालांकि, ऐसे किसानों को फसल बीमा पोर्टल पर पंजीकृत किरायानामा अपलोड करना अनिवार्य होगा। किसान योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए मंडल कृषि अधिकारी, तालुका कृषि अधिकारी या उपविभागीय कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी डॉ. अर्चना कडू ने किसानों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।


