त्योहारों के बीच महंगाई की मार, नागपुर में चावल-दाल के दाम बढ़े; रसोई का बजट बिगड़ा

तूर दाल 118 से 128 रुपये किलो, चना दाल और चावल भी महंगे; साबूदाने के दाम में करीब 20 रुपये की बढ़ोतरी

नागपुर : त्योहारों का मौसम आते ही जहां घरों में पकवानों और खरीदारी की तैयारी शुरू हो जाती है, वहीं बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। नागपुर में चावल, दाल और अन्य अनाज-कडधान्यों के दाम बढ़ने से गृहिणियों के लिए महीने के घरखर्च का हिसाब संभालना मुश्किल होता जा रहा है।

नवरात्रि के बाद अब दिवाली का त्योहार सामने है। ऐसे समय में रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों के दाम बढ़ने से परिवारों के खर्च में और इजाफा हुआ है। चीनी के बाद अब अनाज और दालों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के उतार-चढ़ाव, उत्पादन में कमी और बढ़े हुए परिवहन खर्च का असर अनाज की कीमतों पर पड़ा है। वहीं, बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने से भी दाम प्रभावित हुए हैं। त्योहारों के कारण मांग बढ़ने से स्थिति और बदल गई है। नागपुर के बाजार में पहले 48 से 60 रुपये किलो मिलने वाला चावल अब करीब 52 से 67 रुपये किलो तक पहुंच गया है। श्रीराम चावल 60 से बढ़कर 65 रुपये, एचएमटी चावल 52 से 58 रुपये और बीपीटी चावल 48 से 54 रुपये किलो हो गया है। टुकड़ा चावल के दाम भी 29 से बढ़कर 35 रुपये किलो हो गए हैं।

दालों की बात करें तो तूर दाल 118 से बढ़कर 128 रुपये किलो हो गई है। चना दाल 76 से बढ़कर 82 रुपये किलो पहुंच गई है। इसके अलावा मसूर, मटकी, मटर, मूंग और मूंगमोगर जैसी दालों-कडधान्यों के दाम में भी किलो के पीछे करीब 3 से 4 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। चना के दाम भी 70 से बढ़कर 76 रुपये किलो हो गए हैं। मटकी 98 से 102 रुपये और मटर 52 से 56 रुपये किलो हो गया है। मूंग के दाम 49 से बढ़कर 53 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं, साबूदाने के दाम में करीब 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी बताई जा रही है। त्योहारों में घर का बजट पहले ही खरीदारी और अन्य जरूरी खर्चों से बढ़ जाता है। ऐसे में रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाली दाल और चावल जैसी चीजों के महंगे होने से आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार, कडधान्य, तूर दाल और चना दाल की उपलब्धता में कमी है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के कारण कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में गृहिणियों को रसोई का बजट संभालने के लिए और सावधानी बरतनी पड़ सकती है।

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