नागपुर : विदर्भ में सूखे की समस्या केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर किसानों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीण जीवन पर भी पड़ता है। ऐसे में किसानों को इस संकट से बाहर निकालने के लिए जलसंरक्षण, पानी का सही नियोजन और उपयुक्त फसल पद्धतियों को अपनाना जरूरी है। केंद्रीय मंत्री और एग्रो विजन के मुख्य प्रवर्तक नितिन गडकरी ने विदर्भ को सूखामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
नागपुर में आयोजित एग्रो विजन की उच्चस्तरीय आयोजन समिति की बैठक में गडकरी ने कहा कि विदर्भ के किसानों का मनोबल बढ़ाकर सूखे की चुनौती का सामना करना होगा। इसके लिए पानी का उपयोग सोच-समझकर करना, जलसंधारण को बढ़ावा देना और क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार फसलों का चयन करना आवश्यक है।
17वां एग्रो विजन कृषि प्रदर्शन 27 से 30 नवंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में कृषि राज्यमंत्री एड. आशिष जयस्वाल, गृह राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. शरद गडाख, एग्रो विजन के अध्यक्ष रवि बोरकर और सचिव डॉ. सी. डी. मायी उपस्थित थे।
सूखे को चुनौती नहीं, बदलाव के अवसर के रूप में देखें
गडकरी ने कहा कि विदर्भ में सूखे की समस्या से निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। राजनीतिक मतभेदों को अलग रखते हुए किसानों के हित में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित बारिश के कारण खेती के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेती की व्यवस्था में बदलाव करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। किसान, खेती और आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना सभी का साझा लक्ष्य होना चाहिए।
किसानों को आधुनिक तकनीक और जल प्रबंधन की जानकारी
इस वर्ष के एग्रो विजन में किसानों और कृषि विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने के लिए जिलानिहाय विशेष किसान समूह तैयार किए गए हैं। कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, जल प्रबंधन, दुष्कालग्रस्त खेती और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों की जानकारी दी जाएगी। आयोजकों का मानना है कि यह प्रदर्शन किसानों को नई दिशा देने के साथ विदर्भ को सूखामुक्त बनाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एग्रो विजन के अध्यक्ष रवि बोरकर ने पिछले 16 वर्षों के आयोजन की यात्रा का भी आढावा प्रस्तुत किया। बैठक में विदर्भ के विधायक भी उपस्थित थे।
संकट के समय सरकार किसानों के साथ : एड. जयस्वाल
कृषि राज्यमंत्री एड. आशिष जयस्वाल ने कहा कि संकट के समय राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने किसानों से उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने और परिस्थितियों के अनुसार फसल पद्धतियों का नियोजन करने की अपील की।
शाश्वत खेती की दिशा में एग्रो विजन की पहल
बदलते मौसम और बारिश की अनिश्चितता ने विदर्भ के कृषि क्षेत्र की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के एग्रो विजन में जलसंरक्षण, पानी का नियोजन, आधुनिक कृषि तकनीक और सूखे की स्थिति में खेती को संभालने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों के लिए यह आयोजन केवल कृषि प्रदर्शन नहीं, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में एक अवसर भी होगा। जलसंरक्षण और सही नियोजन के माध्यम से किसानों को भविष्य के संकटों के लिए तैयार करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।


