नई दिल्ली : त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई जगहों पर खुदरा बाजार में चीनी का भाव 65 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक पहुंच गया है। कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे की वजह स्पष्ट की है।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि गन्ने में रेड रॉट बीमारी और अल नीनो की स्थिति के कारण भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में कृषि और चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है।
इथेनॉल को लेकर सरकार ने साफ किया रुख
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष की ओर से इथेनॉल उत्पादन का मुद्दा उठाया जा रहा है। आरोप है कि गन्ने का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में होने के कारण चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई और कीमतें बढ़ीं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस दावे को खारिज किया है। प्रल्हाद जोशी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा कीमत बढ़ोतरी के पीछे इथेनॉल को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।
देश में पर्याप्त चीनी का स्टॉक
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत में सालाना करीब 280 लाख टन चीनी की जरूरत होती है। वहीं, वर्तमान में करीब 36 लाख टन अतिरिक्त चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। ऐसे में सरकार का कहना है कि देश में चीनी की कोई वास्तविक कमी नहीं है। सरकार कीमतों पर लगातार नजर रख रही है और राज्यों को उपलब्ध स्टॉक को बाजार में लाने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित करना है।
कच्ची चीनी आयात करने की तैयारी
त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें अस्थायी तौर पर कच्ची चीनी के आयात का विकल्प भी शामिल है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले त्योहारों के दौरान बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रहे और आम उपभोक्ताओं पर कीमतों का ज्यादा बोझ न पड़े।
आगे भी बढ़ सकती है चुनौती
रेड रॉट बीमारी और अल नीनो जैसी परिस्थितियों के कारण गन्ने के उत्पादन पर असर पड़ने की चिंता बनी हुई है। खराब मौसम का असर भारत के साथ-साथ दुनिया के प्रमुख चीनी उत्पादक देशों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में चीनी के उत्पादन, कीमतों और निर्यात पर दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल केंद्र सरकार का कहना है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी बड़े तुटवड़े की स्थिति नहीं है। लेकिन बाजार में 65 रुपये किलो तक पहुंची कीमतें आम परिवारों के बजट पर जरूर असर डाल रही हैं। त्योहारों के बीच अब लोगों की नजर इस बात पर है कि सरकार के कदमों से आने वाले दिनों में चीनी के दाम कितने नीचे आते हैं।


