किसानों के लिए जरूरी खबर! कृषि पंप में लगवाएं कैपेसिटर, बिजली की परेशानी से मिलेगी राहत

MSEDCL की अपील ; मोटर और ट्रांसफॉर्मर को नुकसान से बचाने के साथ बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने पर जोर

खेती में फसलों को समय पर पानी देना बेहद जरूरी है। लेकिन बिजली की बार-बार होने वाली कटौती और तकनीकी खराबी किसानों की परेशानी बढ़ा सकती है। इसी समस्या को कम करने के लिए महावितरण ने नागपुर सहित विदर्भ के किसानों से अपने कृषि पंपों में उचित क्षमता का कैपेसिटर लगाने और ऑटोस्विच हटाने की अपील की है।

 ऑटोस्विच से बढ़ रहा बिजली व्यवस्था पर दबाव

इस साल बारिश में कमी के कारण खेतों में सिंचाई की जरूरत बढ़ गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान कृषि पंपों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बिजली आते ही पंप अपने आप चालू हो जाएं, इसके लिए कई किसानों ने ऑटोस्विच लगा रखे हैं। हालांकि, एक ही ट्रांसफॉर्मर से जुड़े कई पंप एक साथ चालू होने पर बिजली व्यवस्था पर अचानक अधिक भार पड़ता है। इससे ट्रांसफॉर्मर जलने, बिजली की तारें टूटने, बार-बार ट्रिपिंग होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसका असर सीधे सिंचाई पर पड़ता है और फसलों को समय पर पानी देना मुश्किल हो जाता है।

300 से 500 रुपये में मोटर को सुरक्षा

महावितरण के अनुसार, कृषि पंपों में इस्तेमाल होने वाली थ्री-फेज इंडक्शन मोटर रिएक्टिव पावर भी खींचती हैं। इससे बिजली की लाइनों और ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। उचित क्षमता का कैपेसिटर लगाने से रिएक्टिव पावर की जरूरत स्थानीय स्तर पर पूरी करने में मदद मिलती है और बिजली व्यवस्था पर दबाव कम हो सकता है। महावितरण ने बताया कि बाजार में एलएंडटी, कैपको और हैवेल्स जैसी कंपनियों के कैपेसिटर उपलब्ध हैं। इनकी कीमत लगभग 300 से 500 रुपये बताई गई है। वहीं, कृषि पंप की क्षमता के अनुसार कैपेसिटर का चयन करना जरूरी है।

कितने एचपी के पंप के लिए कितना कैपेसिटर?

– 3 एचपी मोटर – 1 केवीएआर
– 5 एचपी मोटर – 2 केवीएआर
– 7.5 एचपी मोटर – 3 केवीएआर

महावितरण का कहना है कि कम लागत वाले इस उपकरण से मोटर और बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे किसानों को सिंचाई के दौरान होने वाली तकनीकी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

 कैपेसिटर लगाते समय रखें ध्यान

कैपेसिटर का सही तरीके से जुड़ना भी उतना ही जरूरी है। महावितरण के मुताबिक, इसे मुख्य बिजली सप्लाई की तरफ लगाने के बजाय स्टार्टर और मोटर के बीच उचित तरीके से जोड़ा जाना चाहिए। इससे मोटर चालू होने पर ही कैपेसिटर काम करेगा। हालांकि, बिजली से जुड़ा यह काम सुरक्षा नियमों के अनुसार योग्य इलेक्ट्रिशियन से ही करवाना चाहिए। गलत क्षमता या गलत वायरिंग से उपकरण को नुकसान पहुंच सकता है।

 खेत पर पहुंचकर किसानों को समझाया महत्व

महावितरण के इस अभियान के तहत शुक्रवार, 9 अक्टूबर को नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता राजेश नाईक ने खापरखेड़ा उपविभाग के घोगली गांव में किसान राजू उकुंदराव राऊत के खेत पर पहुंचकर उन्हें कैपेसिटर के तकनीकी महत्व की जानकारी दी।इस दौरान महावितरण की ओर से राऊत को प्रतीकात्मक रूप से एक कैपेसिटर भेंट किया गया और उसका इस्तेमाल शुरू करने का सुझाव दिया गया। इस अवसर पर उपकार्यकारी अभियंता मंगेश कहाळे और अन्य कर्मचारी मौजूद थे। महावितरण ने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी कृषि पंपों में कैपेसिटर लगाने और ऑटोस्विच हटाने की अपील की है। उद्देश्य यही है कि किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर बिजली आपूर्ति मिले और फसलों को पानी देने के महत्वपूर्ण समय में तकनीकी खराबी के कारण परेशानी न उठानी पड़े।

 

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