मुंबई : मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम रेलवे के बोरीवली-विरार रेलखंड पर पांचवीं और छठी लाइन बिछाने के काम ने अब रफ्तार पकड़ ली है। इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोकल और लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग-अलग लाइन उपलब्ध हो सकेगी। इससे ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को भी इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
करीब 26 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के लिए भाईंदर में 21 जुलाई को लगभग 1.81 हेक्टेयर जमीन का कब्जा लिया गया है। इससे परियोजना के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।
जमीन अधिग्रहण में बढ़ी रफ्तार
बोरीवली-विरार पांचवीं और छठी लाइन परियोजना को पश्चिम रेलवे और मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (MRVC) के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। बोरीवली-विरार सेक्शन को MUTP-3A के तहत विकसित किया जा रहा है। परियोजना के लिए निजी जमीन का एक हिस्सा पहले ही हासिल किया जा चुका है। करीब 1.40 हेक्टेयर जमीन का कब्जा पहले मिल चुका था, जबकि अब भाईंदर में करीब 1.81 हेक्टेयर जमीन का कब्जा लिया गया है। इसके अलावा 0.67 हेक्टेयर सरकारी जमीन भी उपलब्ध हो चुकी है।
2,184 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
इस परियोजना पर करीब 2,184 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रोजेक्ट के लिए जरूरी करीब 13.62 हेक्टेयर मैंग्रोव क्षेत्र से जुड़ी प्रक्रिया भी जारी है। पर्यावरण मंत्रालय से चरण-1 और चरण-2 की वन मंजूरी मिल चुकी है। मुंबई हाईकोर्ट की अनुमति मिलने से परियोजना के सामने मौजूद एक महत्वपूर्ण कानूनी अड़चन भी दूर हुई है।
स्टेशनों पर भी काम जारी
सिर्फ रेल लाइन ही नहीं, बल्कि इस मार्ग पर आने वाले स्टेशनों की सुविधाओं को भी बेहतर बनाने का काम चल रहा है। दहिसर, मीरा रोड, भाईंदर, नायगांव और वसई रोड के आसपास रेलवे संरचनाओं को स्थानांतरित करने और दोबारा बनाने का काम शुरू है। दहिसर, नायगांव और नालासोपारा स्टेशनों पर फुटओवर ब्रिज और प्लेटफॉर्म विस्तार का काम भी जारी है।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
मुंबई की लोकल ट्रेन रोजाना लाखों यात्रियों के लिए जीवनरेखा है। ऐसे में लोकल ट्रेनों को लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ एक ही रेल नेटवर्क पर चलाने की चुनौती अक्सर सामने आती है। पांचवीं और छठी लाइन तैयार होने के बाद लोकल और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने, क्षमता बढ़ने और भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में पश्चिम रेलवे को मदद मिलने की उम्मीद है। यानी बोरीवली से विरार के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह परियोजना सिर्फ नई रेल लाइन नहीं, बल्कि बेहतर और अधिक सुगम लोकल सफर की उम्मीद लेकर आ रही है।


