रायगढ़: सड़क पर गड्ढे हों और रोजाना आने-जाने वाले परेशान हों, तो अक्सर शिकायतें प्रशासन और नेताओं तक ही सीमित रह जाती हैं। लेकिन रायगढ़ जिले के कोंदिवडे गांव की कुछ स्कूली छात्राओं ने इसी समस्या को कुछ अलग अंदाज में सामने रखा है। छात्राओं ने गड्ढों से भरी सड़क पर बाकायदा ‘रिपोर्टिंग’ करते हुए एक वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है।
वीडियो में छात्राएं सड़क की बदहाल स्थिति को व्यंग्यात्मक अंदाज में दिखाती नजर आ रही हैं। स्कूल जाते समय उन्हें रोजाना जिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, उसी समस्या को उन्होंने कैमरे के सामने अपनी भाषा में रखा है। उनका यह अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है।
‘रास्ते में गड्ढे या गड्ढों में रास्ता?’
वीडियो में रिपोर्टर की भूमिका निभा रही नेहा गारे शुरुआत करते हुए कहती हैं कि हम कोंदिवडे गांव की सड़क पर मौजूद हैं और रिपोर्टर ज्योत्सना आपको सड़क की स्थिति के बारे में बताएंगी। इसके बाद ज्योत्सना सड़क की हालत दिखाते हुए बेहद मजेदार और व्यंग्यात्मक अंदाज में कहती हैं कि यह सड़क किसी ‘एक्सप्रेसवे’ से कम नहीं है। यहां से गाड़ियां गुजर रही हैं, लेकिन सड़क की हालत ऐसी है कि समझ ही नहीं आता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क! छात्राओं ने अपने वीडियो के जरिए यह भी दिखाने की कोशिश की कि खराब सड़क के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना किस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
तीन छात्राओं ने मिलकर तैयार किया वीडियो
इस वीडियो में ज्योत्सना ने सड़क की समस्या पर अपनी बात रखी, जबकि नेहा गारे ने रिपोर्टर की भूमिका निभाई। मानसी पवार ने कैमरे के पीछे रहकर वीडियो शूट किया। वीडियो के आखिर में नेहा कहती हैं, “आज की खबर यहीं खत्म होती है। रिपोर्टर नेहा गारे के साथ कैमरामैन मानसी पवार। धन्यवाद।”
छोटी उम्र में छात्राओं का इस तरह किसी स्थानीय समस्या को पहचानना और उसे पत्रकारिता के अंदाज में लोगों तक पहुंचाना चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि उन्होंने किसी बड़े मंच का इंतजार नहीं किया, बल्कि अपने आसपास की समस्या को कैमरे में कैद कर अपनी आवाज बुलंद की। सड़क के गड्ढों पर छात्राओं का यह अनोखा ‘रिपोर्टिंग स्टाइल’ सोशल मीडिया यूजर्स को भी पसंद आ रहा है। उनके वीडियो ने एक बार फिर यह दिखाया है कि समस्या चाहे कितनी भी पुरानी हो, उसे सामने रखने का अंदाज नया हो तो लोगों का ध्यान जरूर जाता है।


