नागपुर : महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) के एनसीएमसी कार्ड को लेकर नया विवाद सामने आया है। महाराष्ट्र एसटी कामगार सेना ने दावा किया है कि यात्रियों द्वारा एनसीएमसी कार्ड में किया जाने वाला रिचार्ज सीधे एसटी महामंडल के खाते में जमा होने के बजाय निजी कंपनी ‘ई-बिक्स’ के खाते में जा रहा है। संगठन का कहना है कि इससे महामंडल को आर्थिक नुकसान हो रहा है और यात्रियों के बीच भी इस व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राज्य में करीब 6 करोड़ सवलतधारक यात्री हैं। इनमें से अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों ने एनसीएमसी कार्ड लिया है। संगठन के अनुसार, अगर भविष्य में 5 करोड़ यात्री इस कार्ड में कम से कम 500 रुपये की राशि रखते हैं, तो करीब 2,500 करोड़ रुपये का संचित मूल्य तैयार हो सकता है। ऐसे में इस राशि के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता का सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है।
रिचार्ज पर कितनी कटौती?
जानकारी के अनुसार, अगर वाहक के माध्यम से 100 रुपये का रिचार्ज किया जाता है, तो 0.90 रुपये शुल्क और 0.16 रुपये जीएसटी, यानी कुल 1.06 रुपये की कटौती होती है। इसके बाद एसटी के खाते में 98.94 रुपये जमा होते हैं। वहीं, निजी एजेंट के माध्यम से 100 रुपये का रिचार्ज करने पर 11.80 रुपये शुल्क और 1.06 रुपये जीएसटी, यानी कुल 12.86 रुपये की कटौती बताई गई है। इसके बाद केवल 87.14 रुपये जमा होते हैं। इसी अंतर को लेकर एसटी कामगार सेना ने सवाल उठाए हैं।
कार्ड के लिए अतिरिक्त रकम लेने का भी आरोप
एनसीएमसी कार्ड की रजिस्ट्रेशन फीस के लिए 199 रुपये निर्धारित किए गए हैं। एसटी कामगार सेना का आरोप है कि ‘ई-बिक्स’ के प्रतिनिधियों की ओर से कुछ यात्रियों से इसके अलावा 50 से 100 रुपये अतिरिक्त लिए गए। संगठन का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से यात्रियों में भरोसे की कमी पैदा हो सकती है। महाराष्ट्र एसटी कामगार सेना के अध्यक्ष और सांसद अरविंद सावंत ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को निवेदन दिया है। उन्होंने मांग की है कि एनसीएमसी कार्ड में यात्रियों द्वारा जमा की जाने वाली राशि सीधे एसटी महामंडल के अधिकृत बैंक खाते में जमा होनी चाहिए।
यात्रियों के पैसों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर
एसटी महामंडल की बसों में एनसीएमसी कार्ड को अनिवार्य किए जाने के बाद इस व्यवस्था का दायरा और बढ़ने वाला है। ऐसे में यात्रियों के कार्ड में जमा रकम की सुरक्षा, उसका सही हिसाब और पैसों के लेन-देन में पारदर्शिता को लेकर उठाए गए सवाल अहम हो जाते हैं। महाराष्ट्र एसटी कामगार सेना ने मांग की है कि एनसीएमसी कार्ड की संचित राशि सीधे महामंडल के अधिकृत बैंक खाते में जमा करने की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए और यात्रियों के पैसों की सुरक्षा एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार उचित नीति तय करे।


