दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही हर कर्मचारी को अपने परिवार के साथ खुशियां मनाने और त्योहार की जरूरतें पूरी करने की उम्मीद रहती है। लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच त्योहार का खर्च भी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) के कर्मचारियों को इस साल दिवाली भेंट के रूप में 20 हजार रुपये देने की मांग की गई है।
महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस की ओर से परिवहन मंत्री और एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। संगठन का कहना है कि महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों को मिलने वाली दिवाली भेंट की राशि बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि वे भी अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें।
मुंबई सेंट्रल में सौंपा गया ज्ञापन
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक जब मुंबई सेंट्रल स्थित एसटी महामंडल के मुख्यालय पहुंचे, तब संगठन के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। एसटी कर्मचारियों को हर साल दिवाली के अवसर पर आर्थिक भेंट दी जाती है। हालांकि, इस साल बढ़ती महंगाई और अन्य प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को घोषित की गई दिवाली भेंट को देखते हुए एसटी कर्मचारियों के लिए भी सम्मानजनक राशि तय करने की मांग की गई है। संगठन का मानना है कि त्योहार के समय कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलना जरूरी है। इससे वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ दिवाली की तैयारियां भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
दिवाली से पहले वेतन और भेंट देने की मांग
महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि अक्टूबर महीने का वेतन और दिवाली भेंट की राशि त्योहार से पहले ही कर्मचारियों के खातों में जमा की जाए। संगठन के अनुसार, दिवाली का त्योहार 6 नवंबर 2026 से शुरू हो रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिलने से उन्हें त्योहार की तैयारियां करने में सहूलियत होगी।
4 नवंबर तक निधि नहीं मिली तो आंदोलन की चेतावनी
दूसरी ओर, एसटी महामंडल की आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर भी संगठन ने नाराजगी जताई है। महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि महामंडल को आवश्यक निधि 4 नवंबर तक नहीं मिली, तो ‘खारा दिवाली फराल’ भेजकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। संगठन की मांग है कि एसटी महामंडल को रियायती यात्रा की बकाया राशि, रोजमर्रा के खर्चों के लिए अतिरिक्त निधि और दिवाली भेंट की रकम उपलब्ध कराई जाए। यदि 3 नवंबर तक राशि नहीं मिलती है, तो 4 नवंबर को विरोध आंदोलन किया जाएगा।
आर्थिक संकट से जूझ रहा एसटी महामंडल
श्रीरंग बरगे के अनुसार, एसटी महामंडल का संचित घाटा बढ़ रहा है और अपेक्षित यात्री आय भी नहीं मिल रही है। दूसरी ओर, कर्मचारियों के बकाया भुगतान, भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी और अन्य देनदारियों का बोझ बढ़ने से महामंडल के लिए रोजमर्रा के आर्थिक लेन-देन संभालना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर है कि दिवाली से पहले उनकी मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है और उन्हें आर्थिक राहत मिलती है या नहीं।


