मुंबई : शेयर बाजार में कभी-कभी कुछ मिनटों की हलचल ही बड़ी कहानी बन जाती है। 27 अगस्त को बाजार बंद होने से ठीक पहले Sensex में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। महज कुछ मिनटों में सेंसेक्स में 2 हजार से ज्यादा अंकों की गिरावट आई और इसके बाद उतनी ही तेजी से रिकवरी भी हुई। इसी हलचल के बीच एक ट्रेडर का दावा सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया कि सही समय पर ट्रेड लिया जाता तो 1 लाख रुपये महज 5 मिनट में करीब 44 लाख रुपये हो सकते थे।
हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है। 44 लाख रुपये का आंकड़ा किसी वास्तविक ट्रेड से हुई कमाई नहीं है। यह एक ट्रेडर की ओर से बताए गए काल्पनिक ट्रेड की गणना है।
आखिर 5 मिनट में 44 लाख कैसे ?
ट्रेडर के मुताबिक, अगर किसी निवेशक ने 27 अगस्त को दोपहर करीब 3:15 बजे Sensex का 76,500 Put Option 1 लाख रुपये में खरीदा होता और करीब पांच मिनट बाद उसे बेच दिया होता, तो संभावित रिटर्न कई गुना बढ़ सकता था। यानी बाजार में आई अचानक और तेज गिरावट का फायदा Put Option में उठाया जा सकता था। लेकिन यह सिर्फ एक उदाहरण है। वास्तविक ट्रेड में इतनी बड़ी कमाई होना कई बातों पर निर्भर करता है और इसमें भारी जोखिम भी होता है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में समय को लेकर भी गलती दिखाई दी। पोस्ट में 3:15 PM की जगह 3:15 AM लिखा गया था।
Sensex में अचानक क्या हुआ?
27 अगस्त को मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दिन बाजार के आखिरी मिनट बेहद उतार-चढ़ाव वाले रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 3:17 बजे Sensex लगभग 77,200 के स्तर पर था। इसके बाद कुछ ही मिनटों में इसमें तेज गिरावट आई और करीब 3:23 बजे यह 74,983 के आसपास पहुंच गया। यानी लगभग छह मिनट में सेंसेक्स 2,000 से ज्यादा अंक टूट गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। गिरावट के बाद बाजार ने भी बेहद तेजी से वापसी की। करीब 3:23 से 3:30 बजे के बीच सेंसेक्स में लगभग 2,000 अंकों की रिकवरी देखी गई। आखिरकार सेंसेक्स 76,934 अंक पर बंद हुआ।
बड़े शेयर भी अचानक हिले
इस दौरान सिर्फ Sensex में ही हलचल नहीं थी। बाजार के कई बड़े शेयरों में भी आखिरी मिनटों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। Reliance Industries का शेयर करीब 1,289 रुपये से फिसलकर लगभग 1,250 रुपये तक पहुंच गया। इसके बाद शेयर ने रिकवरी की और करीब 1,286 रुपये के आसपास बंद हुआ। इसके अलावा HDFC Bank, ITC और Bharti Airtel जैसे बड़े शेयरों में भी बाजार बंद होने के समय उल्लेखनीय हलचल देखने को मिली।
Closing Auction Session पर क्यों उठे सवाल ?
इस अचानक आई हलचल के बाद बाजार में Closing Auction Session (CAS) को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। BSE ने 3 अगस्त से शेयरों की क्लोजिंग कीमत तय करने के लिए CAS व्यवस्था लागू की थी। इसका मकसद बाजार बंद होने के समय शेयरों की कीमत में होने वाली संभावित हेराफेरी को कम करना है।
यह व्यवस्था इक्विटी डेरिवेटिव्स में कारोबार होने वाले 200 शेयरों पर लागू की गई है। हालांकि, CAS लागू होने के बाद बाजार के आखिरी हिस्से यानी करीब 3:15 से 3:30 बजे के बीच कई बार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
SEBI की कार्रवाई से भी जुड़ा मामला
इस बीच बाजार नियामक SEBI की हालिया कार्रवाई भी चर्चा में है। Sensex और उससे जुड़े शेयरों में कथित हेराफेरी के मामले में SEBI ने पिछले सप्ताह JP Morgan से जुड़ी कंपनी Copthall Mauritius के खिलाफ कार्रवाई की थी। SEBI ने संबंधित ट्रेडिंग गतिविधियों को लेकर प्रतिबंध लगाए और कथित तौर पर हासिल किए गए करीब 3.8 करोड़ रुपये के अवैध लाभ को जमा करने का आदेश भी दिया। हालांकि, 27 अगस्त को Sensex में हुई अचानक हलचल और इस कार्रवाई के बीच सीधा संबंध स्थापित करना उचित नहीं होगा।
‘1 लाख से 44 लाख’ की कहानी का सच
शेयर बाजार में तेजी से पैसा बनाने की कहानियां अक्सर लोगों का ध्यान खींचती हैं। लेकिन 1 लाख रुपये से 44 लाख रुपये वाली यह कहानी किसी निवेशक के वास्तविक मुनाफे का प्रमाण नहीं है। यह एक काल्पनिक ट्रेडिंग उदाहरण है, जिसमें बाजार की बेहद तेज गिरावट के दौरान Put Option में संभावित रिटर्न का अनुमान लगाया गया है।
इसलिए ऐसी सोशल मीडिया पोस्ट देखकर ट्रेड करने का फैसला लेना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर ऑप्शन ट्रेडिंग में कुछ ही मिनटों में बड़ा मुनाफा हो सकता है, तो उतनी ही तेजी से बड़ी रकम का नुकसान भी हो सकता है।


