नई दिल्ली : आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारी ही नहीं, बल्कि रिटायर हो चुके कर्मचारी और पेंशनर्स भी अपनी मांगों को लेकर सक्रिय हो गए हैं। आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे लाखों पेंशनर्स के बीच इस बात को लेकर असमंजस है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली पेंशन में संशोधन का लाभ मिलेगा या नहीं।
इसी मुद्दे को लेकर Retired Employees Welfare Association (REWA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। संगठन ने मांग की है कि सरकार इस मामले में स्थिति स्पष्ट करे और आठवें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में पेंशन को लेकर स्पष्ट प्रावधान किया जाए। REWA का कहना है कि जब तक इस संबंध में स्पष्टता नहीं आती, तब तक सरकार को आधिकारिक प्रेस रिलीज या स्पष्टीकरण जारी कर पेंशनर्स की शंकाएं दूर करनी चाहिए। दरअसल, रिटायर कर्मचारियों के लिए पेंशन सिर्फ एक सरकारी सुविधा नहीं, बल्कि उनकी रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा आधार है। ऐसे में पेंशन में संशोधन होगा या नहीं, इसे लेकर बनी अनिश्चितता उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
संगठन के अनुसार, नवंबर 2025 में जारी आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के ToR के कलम 2(e) में डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रैच्युइटी और पेंशन की संरचना की समीक्षा का उल्लेख है। इसमें NPS, UPS और NPS से बाहर की योजनाओं को भी शामिल किया गया है। हालांकि, REWA का दावा है कि इस प्रावधान में पहले से रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली पेंशन को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। यही वजह है कि संगठन ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इस मांग पर क्या फैसला लेती है और क्या आठवें वेतन आयोग के ToR में पेंशनर्स को लेकर कोई बदलाव या अतिरिक्त स्पष्टता दी जाती है। फिलहाल, लाखों पेंशनर्स की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है।


