National Highway Dhaba: हाईवे किनारे ढाबों पर क्यों कस रहा है शिकंजा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 60 दिन में होगी कार्रवाई

सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से बढ़ रहा था हादसों का खतरा; अवैध निर्माण हटाने के निर्देश

मुंबई : राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। हाईवे के किनारे बने अनधिकृत ढाबों, होटलों और अन्य व्यावसायिक निर्माणों पर अब कार्रवाई की जाएगी। सड़क किनारे ढाबों और दुकानों के बाहर बेतरतीब तरीके से खड़े भारी वाहनों के कारण यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पैदा हो रहे खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए हैं।

राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्गों के क्षेत्र में मौजूद सभी नए और पुराने अनधिकृत ढाबे, खानावली और व्यावसायिक निर्माणों को अगले 60 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य बिंदु से 40 मीटर तक आवासीय और 75 मीटर तक व्यावसायिक उपयोग के लिए भूमि उपयोग में बदलाव पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा।

आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?

साल 2025 में राजस्थान के फलोदी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण हादसा हुआ था। एक टेम्पो ट्रैवलर सड़क किनारे ढाबे के बाहर खड़े ट्रेलर से जा टकराया था। इस हादसे में 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे। सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अप्रैल में सड़क सुरक्षा को लेकर जारी किए गए निर्देशों के अमल की समीक्षा की। इसी दौरान हाईवे के आसपास मौजूद अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माणों को लेकर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख निर्देश

– हाईवे के आसपास मौजूद अनधिकृत निर्माण 60 दिनों के भीतर हटाए जाएंगे।
– हाईवे के सुरक्षा क्षेत्र में दिए गए लाइसेंस, एनओसी और व्यापारिक मंजूरियों की एक महीने के भीतर समीक्षा की जाएगी।
– हाईवे प्राधिकरणों को निरीक्षण, अतिक्रमण और तोड़फोड़ की कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी।
– NHAI को अतिक्रमण से जुड़ी नागरिकों की शिकायतों पर कार्रवाई करनी होगी।
– साल में दो बार ड्रोन के जरिए सर्वेक्षण किया जाएगा।
– मौजूदा लाइसेंस की 30 दिनों के भीतर समीक्षा की जाएगी।
– जिला स्तर पर हाईवे सुरक्षा कार्रवाई दल बनाए जाएंगे।
– ट्रैकिंग उपकरणों से लैस वाहनों के साथ हाईवे पर 24 घंटे गश्त की जाएगी।
– हर 75 किलोमीटर पर BLS एम्बुलेंस और बचाव क्रेन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
– ब्लैकस्पॉट और गंभीर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर उनकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
– इन स्थानों पर बेहतर रोशनी, स्पीड कैमरे, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव चेतावनी संकेत और सड़क पर जरूरी क्षैतिज चिह्न लगाए जाएंगे।

यात्रियों की बढ़ेगी सुरक्षा

लंबे सफर के दौरान हाईवे किनारे ढाबे यात्रियों के लिए आराम और भोजन का एक आसान विकल्प होते हैं। लेकिन अगर इन्हीं जगहों के बाहर भारी वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े हों या अनधिकृत निर्माण के कारण सड़क का क्षेत्र संकरा हो रहा हो, तो यह यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का मुख्य उद्देश्य ऐसे जोखिम को कम करना और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को अधिक सुरक्षित बनाना है।

लोकतंत्र मिरर

लोकतंत्र मिरर जनता का भरोसेमंद न्यूज चैनल 📍 महाराष्ट्र | पूरे भारत की खबरें ⚡ राजनीति | व्यापार | मनोरंजन | खेल | ताजा अपडेट 📢 ब्रांड प्रमोशन/ विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 📞 9545924968/7758043733

Related Posts

मंत्रालय में 550 कर्मचारियों पर गिरी गाज, मूल विभाग में भेजे गए अधिकारी-कर्मचारी

मुंबई : मंत्रालय और मंत्रियों के कार्यालयों में बिना तय प्रक्रिया के काम कर रहे करीब 550 अधिकारी और कर्मचारियों को अब उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया…

3 महीने में 3 बड़े चक्रवातों का खतरा! 44 साल के औसत से ज्यादा रह सकती है ताकत

देश में कहीं बारिश की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है, तो अब मौसम को लेकर एक और बड़ी आशंका सामने आई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के…