नई दिल्ली : आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z से सीधे जुड़ने और उनकी सोच को समझने के लिए केंद्र सरकार एक बड़े जनसंपर्क अभियान की तैयारी कर रही है। इस अभियान के तहत केंद्रीय मंत्री अब विश्वविद्यालयों का दौरा कर विद्यार्थियों से आमने-सामने बातचीत करते नजर आएंगे। सरकार का उद्देश्य केवल अपनी योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि युवाओं की समस्याएं, उम्मीदें और देश से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय जानना भी है।
‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ का प्लान
सरकार के प्रस्तावित ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी दी जाएगी। संबंधित मंत्री विश्वविद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, खेल, तकनीक और देश के सामने मौजूद विभिन्न मुद्दों पर छात्रों की राय ली जाएगी। खास बात यह होगी कि यह संवाद केवल भाषण तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्री विद्यार्थियों के सवाल सुनेंगे और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करेंगे। साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
दो मंत्रियों को समन्वय की जिम्मेदारी
इस अभियान के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को विश्वविद्यालयों तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यूजीसी के अनुसार, देश में करीब 1,300 विश्वविद्यालय हैं। इनमें 57 केंद्रीय विश्वविद्यालय और राज्यों के 522 विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा देश में कई निजी और अभिमत विश्वविद्यालय भी हैं।
युवाओं तक पहुंचने की कोशिश
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दौर में युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है। ऐसे में सरकार का यह अभियान सीधे कैंपस तक पहुंचकर युवा पीढ़ी से संवाद स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालयों में होने वाली इन चर्चाओं से युवाओं की आवाज कितनी प्रभावी तरीके से सरकार तक पहुंचती है।


