केंद्र सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) में कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार ने इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले का सीधा लाभ GAIL, BHEL, NTPC, IOCL, IRCTC, AAI समेत 32 सरकारी कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलेगा। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का असर उनकी मासिक सैलरी पर दिखाई देगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बढ़ती महंगाई के कारण कर्मचारियों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। सरकार का मानना है कि बढ़ा हुआ IDA कर्मचारियों को आर्थिक राहत देगा और उनकी क्रय शक्ति को मजबूत करेगा। इस बढ़ोतरी का लाभ मुख्य रूप से CPSE के अधिकारियों और गैर-यूनियन सुपरवाइजरी कर्मचारियों को मिलेगा। सरकार ने 1987, 1997, 2007 और 2017 के वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए नए IDA की घोषणा की है। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर तय किए गए नए दरों के अनुसार 1997 वेतनमान वाले कर्मचारियों का IDA 476.9%, 2007 वेतनमान वालों का 241.7% और 2017 वेतनमान वालों का 55.7% कर दिया गया है। वहीं 1987 वेतनमान के तहत भी महंगाई भत्ते में संशोधन किया गया है।
इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों की सैलरी में भी सीधा इजाफा होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि 2017 वेतनमान के किसी कर्मचारी का मूल वेतन ₹60,000 है तो 55.7% IDA के हिसाब से उसे लगभग ₹33,420 महंगाई भत्ता मिलेगा। यानी केवल मूल वेतन और IDA मिलाकर उसकी मासिक राशि करीब ₹93,420 हो जाएगी। इसी तरह 2007 वेतनमान में ₹15,000 मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी को लगभग ₹33,255 IDA मिलेगा, जिससे उसकी कुल राशि करीब ₹51,255 तक पहुंच जाएगी। अन्य भत्ते इसके अतिरिक्त मिलेंगे। जुलाई में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को लेकर भी उम्मीदें बनी हुई हैं। ऐसे में CPSE कर्मचारियों के लिए IDA बढ़ाने का यह फैसला लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।


