नई दिल्ली : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले अर्जेंटीना टीम एक नए विवाद में घिर गई है। इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में पहुंचने के बाद खिलाड़ियों ने जश्न के दौरान “Las Malvinas son Argentinas” लिखा बैनर दिखाया, जिसके बाद फॉकलैंड (माल्विनास) विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
यह बैनर दक्षिण अटलांटिक के उन फॉकलैंड द्वीपों पर अर्जेंटीना के दावे से जुड़ा है, जो वर्तमान में ब्रिटेन के नियंत्रण में हैं। 1982 में इन द्वीपों को लेकर अर्जेंटीना और यूनाइटेड किंगडम के बीच युद्ध भी हुआ था, इसलिए यह मुद्दा दोनों देशों के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।अटलांटा में खेले गए सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने आखिरी मिनटों में शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को हराया और लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाई। मैच के बाद खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए बैनर को कई ब्रिटिश नेताओं और मीडिया संस्थानों ने राजनीतिक संदेश बताया है।
फीफा के नियमों के अनुसार आधिकारिक मैचों और आयोजनों के दौरान राजनीतिक या वैचारिक संदेशों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध है। इसी वजह से अब इस मामले की जांच की मांग उठ रही है और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह पहला मौका नहीं है जब अर्जेंटीना इस मुद्दे को लेकर विवादों में आया हो। इससे पहले भी माल्विनास से जुड़े संदेश दिखाए जाने पर फीफा द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर जुर्माना लगाया गया था। अब अर्जेंटीना का सामना 19 जुलाई को होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से होगा। मैदान पर मुकाबला खिताब के लिए होगा, लेकिन फाइनल से पहले यह विवाद भी टूर्नामेंट की सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल हो गया है।


