नई दिल्ली : भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की, जिसमें अनुभवी खिलाड़ी सलिमा टेटे को कप्तान बनाया गया है। टीम मुख्य कोच शोर्ड मरीन के मार्गदर्शन में बेंगलुरु में अभ्यास कर रही है और विश्व कप में दमदार प्रदर्शन के इरादे से मैदान में उतरेगी।
इस बार टीम में महाराष्ट्र के सातारा जिले के फलटण के पास स्थित छोटे से गांव कोलकी की बेटी ऋतुजा पिसाल की मौजूदगी खास चर्चा का विषय बनी हुई है। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी तक पहुंची ऋतुजा ने अपनी मेहनत और खेल के दम पर भारतीय टीम में मजबूत जगह बनाई है। हाल ही में न्यूज़ीलैंड में आयोजित एफआईएच नेशन्स कप के फाइनल में ऋतुजा ने 39वें मिनट में अहम गोल दागकर भारत को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। अब उनसे विश्व कप में भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
गोलकीपर के रूप में सविता और बिचू देवी खारीबाम को टीम में शामिल किया गया है। डिफेंस में इशिका चौधरी, सुशीला चानू, ललथांलौंगी, ज्योति और शिल्पी दबास को मौका मिला है। मिडफील्ड की जिम्मेदारी कप्तान सलिमा टेटे के साथ निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा और दीपिका सोरेंग संभालेंगी। फॉरवर्ड लाइन में लालरेमसियामी, ऋतुजा पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग जैसी आक्रामक खिलाड़ी शामिल हैं।
भारतीय टीम को ग्रुप-डी में रखा गया है, जहां उसका मुकाबला चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका से होगा। भारत अपना पहला मैच 16 अगस्त को चीन के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ंत होगी। नेशन्स कप में अपराजित रहकर खिताब जीतने वाली भारतीय टीम इस समय शानदार फॉर्म में है। सलिमा टेटे का नेतृत्व, सविता का अनुभव और ऋतुजा पिसाल जैसी युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भारतीय टीम को मजबूत बनाता है। देशभर के हॉकी प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारतीय महिला टीम विश्व कप में नया इतिहास रच पाएगी।


