नागपुर : पढ़ाई पूरी होने के बाद किताबें, लैब उपकरण या अन्य शैक्षणिक सामग्री बेचने के लिए छात्रों को अक्सर सही मंच नहीं मिल पाता। कई बार उन्हें उचित कीमत भी नहीं मिलती। अब राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए ‘स्वयंसिद्धा’ पोर्टल के माध्यम से छात्रों के लिए एक डिजिटल एक्सचेंज प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है।
विश्वविद्यालय ने इस पहल के लिए Graduate CampusSwap Private Limited के साथ एक समझौता (MoU) किया है। समझौते का आदान-प्रदान कुलगुरू डॉ. मनाली क्षीरसागर की उपस्थिति में जमनालाल बजाज प्रशासनिक भवन में हुआ। इस डिजिटल दालन के जरिए छात्र अपनी उपयोग की हुई किताबें, शैक्षणिक सामग्री और वैज्ञानिक उपकरण ऑनलाइन सूचीबद्ध कर सकेंगे। जरूरतमंद छात्र इन्हें कम कीमत पर खरीद सकेंगे, जबकि बेचने वाले छात्रों को भी उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल छात्रों की आर्थिक मदद करेगी, बल्कि संसाधनों के पुनः उपयोग को भी बढ़ावा देगी।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘स्वयंसिद्धा’ अभियान का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है। इसी के तहत विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को एक साझा डिजिटल मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। विश्वविद्यालय के नवोपक्रम, नवसंशोधन एवं साहचर्य मंडल तथा कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न विरोधी समिति के सहयोग से यह समझौता किया गया। अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों के लाखों छात्र अब इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी शैक्षणिक सामग्री का आदान-प्रदान कर सकेंगे।
इस अवसर पर प्रभारी कुलसचिव डॉ. विजय खंडाळ, डॉ. शामराव कोरेटी, डॉ. मेधा कानेटकर, डॉ. मंगला हिरवाडे, डॉ. प्रकाश ईटणकर, डॉ. सोपानदेव पिसे, डॉ. शालिनी लिहितकर, डॉ. प्रवीणा खोब्रागडे तथा Graduate CampusSwap की संस्थापक एवं CEO अविका खेमुका और विधि खेमुका उपस्थित थीं।


