पुणे : महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को ऑनलाइन मोड में आयोजित करने के फैसले के बाद अभ्यर्थियों के बीच नई चिंताएं सामने आने लगी हैं। पेपर लीक की घटना के बाद परीक्षा को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब उम्मीदवारों और कुछ शिक्षक संगठनों का कहना है कि तकनीकी और प्रशासनिक खामियों के कारण परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि परीक्षा के दौरान इंटरनेट, कंप्यूटर, बिजली या सर्वर से जुड़ी कोई समस्या आती है तो उसका सीधा असर उनके परिणाम और भविष्य पर पड़ेगा। इसी को लेकर राज्य परीक्षा परिषद को एक विस्तृत निवेदन सौंपा गया है, जिसमें परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और अभ्यर्थी-हितैषी बनाने की मांग की गई है। निवेदन में मांग की गई है कि परीक्षा समाप्त होते ही प्राथमिक अंक या परिणाम अभ्यर्थियों के लॉगिन पर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उत्तरतालिका (Response Sheet) और प्रश्नपत्रिका जारी की जाए, ताकि उम्मीदवार अपने उत्तरों की जांच कर सकें। यदि परीक्षा अलग-अलग सत्रों में आयोजित की जाती है, तो सभी अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए नॉर्मलाइजेशन प्रणाली लागू करने की भी मांग की गई है।
इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली और तकनीकी सहायता की व्यवस्था निर्बाध रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। ऑनलाइन TET का पाठ्यक्रम, प्रश्नों का स्वरूप, अंकन पद्धति और दिशानिर्देश समय रहते घोषित किए जाने की भी मांग की गई है। तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता भी उठाई गई है। राज्यभर में TET परीक्षा पहले 28 जून को आयोजित होने वाली थी, लेकिन पेपर लीक की घटना के बाद इसे ऑनलाइन कराने का निर्णय लिया गया। कुछ संगठनों ने इस फैसले का विरोध करते हुए ऑफलाइन परीक्षा की मांग की है, जबकि कुछ शिक्षक संगठनों ने ऑनलाइन परीक्षा का समर्थन करते हुए आवश्यक सुधारों की आवश्यकता बताई है।
युवा शैक्षणिक व सामाजिक न्याय संघटना, महाराष्ट्र के अध्यक्ष संदीप कांबळे ने राज्य परीक्षा परिषद को सौंपे गए निवेदन में कहा है कि TET केवल एक पात्रता परीक्षा नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के रोजगार, करियर और भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए ऑनलाइन परीक्षा लागू करने से पहले सभी तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करना जरूरी है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी का नुकसान न हो।


