Raja Raghuvanshi Case : राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया है। सुनवाई से पहले दाखिल किए गए इस हलफनामे में सोनम ने दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है और अभियोजन पक्ष का पूरा केस केवल शक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है।
सोनम ने अपने हलफनामे में कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उसने अदालत से कहा कि उसके खिलाफ ऐसा कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है, जिससे उसे अपराध से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके। सोनम ने यह भी बताया कि उसे 27 अप्रैल 2026 को हाई कोर्ट से जमानत मिली थी और 28 अप्रैल को वह जेल से रिहा हुई। जमानत मिलने के बाद से उसने जांच और न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग किया है। उसने जमानत की सभी शर्तों का पालन किया है और मामले में देरी के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। हलफनामे में सोनम ने कहा कि उसे दोबारा जेल भेजने का कोई कानूनी आधार नहीं है। राज्य सरकार ने भी कभी यह आरोप नहीं लगाया कि उसने जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन किया है। साथ ही, पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, इसलिए अब सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका भी नहीं है।
इससे पहले हुई सुनवाई में सोनम के वकीलों ने उसकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि गिरफ्तारी के समय उसे कानूनी सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई और गिरफ्तारी की वजह भी नहीं बताई गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सवाल किया कि यह मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। वहीं, मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि यह बेहद गंभीर और चर्चित मामला है। उन्होंने बताया कि चार्जशीट में सोनम की हत्या की साजिश में कथित भूमिका का उल्लेख है। साथ ही, निचली अदालत पहले ही तीन बार उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है और उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
फिलहाल राजा रघुवंशी हत्याकांड का ट्रायल जारी है। सोनम जमानत पर बाहर है, जबकि अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा चल रहा है। मेघालय सरकार और मृतक के परिवार ने उसकी जमानत रद्द करने की मांग की है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हैं।


