नागपुर : राष्ट्रीय रक्षा उत्पादन अकादमी (एनएडीपी), नागपुर में मंगलवार को एआईसीटीई (AICTE) से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (बिजनेस मैनेजमेंट) पाठ्यक्रम की चौथी बैच का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में देश के 14 से अधिक राज्यों से आए 30 विद्यार्थियों ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की। इस अवसर पर रक्षा क्षेत्र में नेतृत्व विकास, आधुनिक प्रबंधन शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि ऑर्डनेंस (समन्वय एवं सेवा) के महानिदेशक संजय द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभावी नेतृत्व के लिए सही समय पर सोच-समझकर निर्णय लेना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां अनुकूल हों तो किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले शांत मन से चिंतन करना चाहिए, क्योंकि बेहतर और दीर्घकालिक समाधान गहन विचार से ही निकलते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और इतिहास का उल्लेख करते हुए महाभारत में भीष्म के नैतिक द्वंद्व तथा भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उनके अनुसार नेतृत्व हमेशा धर्म, न्याय, कर्तव्य, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए।
रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए संजय द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2014 में लगभग 46 हजार करोड़ रुपये का घरेलू रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी 38,424 करोड़ रुपये के नए रिकॉर्ड तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक, नवाचार और उत्पादन क्षमता में लगातार हो रही वृद्धि भारत को रक्षा क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है। ऐसे समय में एनएडीपी जैसी संस्थाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।एनएडीपी के प्रधान निदेशक डॉ. जे. पी. दाश ने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम केवल प्रबंधन की डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सक्षम, जिम्मेदार और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाला नेतृत्व तैयार करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ऐसे युवा तैयार करना है, जिनमें क्षमता के साथ चरित्र और राष्ट्र के प्रति समर्पण भी हो। उन्होंने बताया कि दो वर्षीय आवासीय पीजीडीएम (बिजनेस मैनेजमेंट) पाठ्यक्रम में सामान्य प्रबंधन शिक्षा के साथ रक्षा क्षेत्र से जुड़े आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। विद्यार्थियों को डिफेंस इंडस्ट्री 4.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मिलिट्री लॉजिस्टिक्स, रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात प्रबंधन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, नवाचार, सतत विकास तथा ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक एवं सुशासन) जैसे विषयों का अध्ययन कराया जाएगा।
इस वर्ष चौथी बैच में देश के 14 से अधिक राज्यों के 30 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। बैच में 25.8 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। इसमें नए स्नातकों के साथ विभिन्न क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले पेशेवरों को भी प्रवेश मिला है, जिससे विविधता और अनुभव का संतुलित वातावरण तैयार हुआ है। कार्यक्रम में वरिष्ठ डीडीजी/डीएफयू सुरेंद्र धापोडकर, वरिष्ठ विशेषज्ञ एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी. बंद्योपाध्याय, वाईआईएल के मानव संसाधन निदेशक एस. के. सिंह, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एनएडीपी के प्राध्यापक, विभिन्न रक्षा संस्थानों के अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।


