नागपुर. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस बार दिवाली का त्योहार किसानों के साथ मनाने जा रहे हैं। राज्य के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से सूखे की मार झेल रहे किसानों के साथ कम से कम एक दिन गांव में दिवाली मनाने की अपील करने के बाद अब मुख्यमंत्री खुद किसानों के बीच पहुंचेंगे। वह नागपुर जिले के दो गांवों में जाकर किसानों से मुलाकात करेंगे, उनकी समस्याएं जानेंगे और खेतों का निरीक्षण भी करेंगे।
सूखे की स्थिति, खेती से जुड़ी परेशानियों और सिंचाई की समस्याओं को समझने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 7 और 8 नवंबर को नागपुर जिले के दौरे पर रहेंगे।
शनिवार यानी दिवाली की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री नरखेड़ तहसील के लोहारीसावंगा गांव पहुंचेंगे। यहां वह किसान रामभाऊ बालपांडे के घर रात बिताएंगे। इस दौरान किसानों से सीधा संवाद कर खेती, सिंचाई, फसलों की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की जानकारी लेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री शनिवार शाम 6 बजे नागपुर से काटोल होते हुए लोहारीसावंगा के लिए रवाना होंगे। शाम 7:30 बजे उनका गांव में आगमन होगा। इसके बाद सामूहिक प्रार्थना होगी और रात 9 से 10 बजे तक किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी विधायक चरणसिंह ठाकुर ने दी है।
रविवार, 8 नवंबर को दिवाली के दिन सुबह 8:30 से 10:30 बजे तक मुख्यमंत्री नरखेड़ तहसील के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद उनके हाथों खारी परियोजना का भूमिपूजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री इस दौरान पांदण सड़कों और खेतों का प्रत्यक्ष निरीक्षण भी करेंगे। सुबह 11:30 बजे वह लोहारीसावंगा से कलमेश्वर तहसील के कोहली गांव के लिए रवाना होंगे। यहां खेतों में खड़ी फसलों का जायजा लेकर कृषि से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी लेंगे। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे नागपुर के लिए रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले राज्य के सभी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की थी कि वे दिवाली का कम से कम एक दिन ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के साथ बिताएं। उनका उद्देश्य आर्थिक और प्राकृतिक संकटों का सामना कर रहे किसान परिवारों तक त्योहार की खुशियां पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से किसानों के घर जाकर उनके साथ दिवाली मनाने, बातचीत करने और उनकी परेशानियों को समझने का आग्रह किया था। अब खुद मुख्यमंत्री इस पहल में आगे बढ़कर किसानों के बीच पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री का यह दौरा किसानों की समस्याओं को सीधे समझने, खेती की जमीनी स्थिति का जायजा लेने और ग्रामीण क्षेत्रों के मुद्दों पर संवाद करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।


