बांदा : महाराष्ट्र-गोवा सीमा पर स्थित आबकारी विभाग के चेकपोस्ट एक बार फिर चर्चा में हैं। भ्रष्टाचार की शिकायतों और चेकपोस्ट पर कथित तौर पर पैसे लेने के आरोपों के बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पत्रादेवी और मोले स्थित आबकारी जांच नाकों पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई में दोनों जगहों से कुल 13,070 रुपये की नकदी जब्त की गई है। मामले की जांच के लिए संबंधित 10 कर्मचारियों को पणजी स्थित ACB कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
दोनों चेकपोस्ट से मिली नकदी, जांच जारी
महाराष्ट्र-गोवा सीमा पर वाहनों की जांच के लिए बनाए गए आबकारी चेकपोस्ट पर ACB की इस कार्रवाई से विभाग में हलचल मच गई है। अधिकारियों ने दोनों स्थानों पर अचानक पहुंचकर जांच की। इस दौरान मोले चेकपोस्ट से 10,570 रुपये, जबकि पत्रादेवी चेकपोस्ट से 2,500 रुपये की नकदी बरामद हुई।
कुल 13,070 रुपये की इस नकदी को लेकर जांच की जा रही है। अधिकारियों का पता लगाने पर जोर है कि यह रकम किस उद्देश्य से रखी गई थी और इसका स्रोत क्या है। फिलहाल, मामले में पूछताछ और जांच की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, नकदी मिलने मात्र से किसी कर्मचारी की संलिप्तता या भ्रष्टाचार साबित नहीं होता।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के बीच कार्रवाई
देशभर में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और सार्वजनिक सेवाओं में ईमानदारी को प्रोत्साहित करना है। इसी दौरान ACB ने दोनों आबकारी चेकपोस्ट पर अचानक जांच की। यह कार्रवाई ACB अधीक्षक राजन निगळे के मार्गदर्शन में की गई। मोले चेकपोस्ट पर निरीक्षक सतीश गावडे ने अपनी टीम के साथ जांच की, जबकि पत्रादेवी चेकपोस्ट पर निरीक्षक प्रज्योत फडते के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। इस मामले में आगे की जानकारी जुटाने के लिए 10 कर्मचारियों को पणजी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पत्रादेवी चेकपोस्ट पहले भी रहा है विवादों में
पत्रादेवी चेकपोस्ट को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। यहां वाहन चालकों से कथित तौर पर पैसे लेने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन घटनाओं के बाद यह जांच नाका लगातार विवादों में रहा है। सीमा से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए चेकपोस्ट पर जांच एक नियमित प्रक्रिया है। ऐसे में अगर इस प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की अनियमितता होती है, तो उसका असर सरकारी व्यवस्था पर लोगों के भरोसे पर भी पड़ता है। यही वजह है कि इस बार ACB की कार्रवाई के बाद मामले की जांच पर लोगों की नजरें टिकी हैं। फिलहाल, दोनों चेकपोस्ट से जब्त नकदी के स्रोत और मामले से जुड़ी संभावित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। अब देखना होगा कि पूछताछ के दौरान क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।


