मुंबई महानगर क्षेत्र में सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए मुंबई मेट्रो मार्गिका 12-A को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि औद्योगिक और लॉजिस्टिक केंद्रों तक पहुंचना भी आसान हो सकता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस परियोजना को अगले साढ़े तीन साल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
18.40 किलोमीटर लंबा होगा मेट्रो रूट
मंत्रालय, मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बुनियादी ढांचा समिति की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई। यह मेट्रो मार्ग मानपाड़ा-काटई नाका से कल्याण फाटा होते हुए तलोजा तक जाएगा। पूरी मेट्रो लाइन एलिवेटेड होगी और इस पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना में चार लेन का 6.93 किलोमीटर लंबा और छह लेन का 8.69 किलोमीटर लंबा एकीकृत फ्लाईओवर भी शामिल है।
40 से 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है सफर का समय
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, सड़क मार्ग से यात्रा करने की तुलना में मेट्रो से सफर का समय 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। नौकरी, कारोबार और दूसरे जरूरी कामों के लिए रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण होगा। खासकर उन यात्रियों को फायदा मिल सकता है, जिन्हें कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई के बीच आने-जाने में अधिक समय लगता है।
दूसरी मेट्रो लाइनों से भी जुड़ेगा मार्ग
मेट्रो मार्गिका 12-A को दूसरे परिवहन साधनों से जोड़ने की भी योजना है। काटई नाका पर मेट्रो मार्गिका 12 और बुलेट ट्रेन के कनेक्टिंग रूट से जुड़ाव प्रस्तावित है। वहीं, काटई नाका से कल्याण फाटा के बीच मेट्रो मार्गिका 14 और अमनदूत में नवी मुंबई मेट्रो मार्गिका 1 से कनेक्टिविटी की योजना है। इसके अलावा, सभी स्टेशनों पर फीडर बस सेवा उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है। इससे यात्रियों को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने और वहां से अपने गंतव्य तक जाने में आसानी हो सकती है।
ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने पर भी जोर
इस परियोजना का उद्देश्य केवल यात्रा को तेज बनाना नहीं है, बल्कि सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करना भी है। सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होने से निजी वाहनों पर निर्भरता घटने की उम्मीद है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक का दबाव और कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है।
MMRDA करेगी परियोजना का क्रियान्वयन
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) इस परियोजना को लागू करेगा। मेट्रो मार्ग और एकीकृत फ्लाईओवर के निर्माण के लिए प्राधिकरण को विशेष प्राधिकरण नियुक्त करने की मंजूरी भी दी गई है। इसके साथ ही परियोजना के विकास और धन जुटाने के उद्देश्य से निर्धारित सरकारी जमीनों को प्राधिकरण को हस्तांतरित करने की अनुमति दी गई है। अब यात्रियों को इस परियोजना के निर्माण और तय समयसीमा में पूरा होने का इंतजार रहेगा। यदि योजना के अनुसार काम पूरा होता है, तो कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति मिल सकती है।


