ऑनलाइन खाद्य पदार्थ खरीदते हैं? Flipkart और BigBasket को FSSAI का नोटिस, जानें पूरा मामला

खाद्य तेल के विज्ञापन में स्वास्थ्य संबंधी दावों पर सवाल; Gemini Edibles को भी नोटिस, कंपनियों से मांगा जवाब

आजकल ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए घर बैठे राशन से लेकर खाने-पीने की चीजें मंगाना आम हो गया है। लेकिन जब किसी खाद्य पदार्थ के विज्ञापन में सेहत से जुड़े बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो उनकी सच्चाई जानना भी जरूरी हो जाता है। इसी को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने तीन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें Flipkart India, BigBasket और Gemini Edibles and Fats India शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों ने Freedom Cooking Rice Bran Oil यानी चावल की भूसी से बने खाद्य तेल का ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर विज्ञापन किया था। इन विज्ञापनों में दावा किया गया था कि इस तेल के सेवन से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने या बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, FSSAI ने इन विज्ञापनों में किए गए स्वास्थ्य संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, खाद्य तेलों के लिए लागू नियमों के तहत ऐसे दावों की स्वीकार्यता पर सवाल है। इसी वजह से संबंधित कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

कंपनियों को क्यों भेजा गया नोटिस?

खाद्य पदार्थों के विज्ञापन में किए जाने वाले दावों का सीधा असर ग्राहकों के खरीदारी संबंधी फैसलों पर पड़ सकता है। जब किसी तेल या खाद्य उत्पाद को कोलेस्ट्रॉल और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद बताया जाता है, तो ग्राहक उस पर भरोसा करके उसे खरीद सकते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि विज्ञापनों में किए जाने वाले स्वास्थ्य संबंधी दावे निर्धारित नियमों के अनुरूप हों। FSSAI ने इसी मुद्दे पर तीनों कंपनियों से जवाब मांगा है। कारण बताओ नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि कंपनियों के खिलाफ आरोप साबित हो चुके हैं। मामले में आगे की कार्रवाई उनके जवाब और संबंधित तथ्यों की जांच के बाद तय होगी।

Gemini Edibles की ऑनलाइन बिक्री पर भी सवाल

इस मामले में Gemini Edibles and Fats India की अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, FSSAI ने इस बिक्री के लिए जरूरी वैध केंद्रीय लाइसेंस होने की स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा है। खाद्य पदार्थों की बिक्री और उनसे जुड़े नियमों का पालन करना कंपनियों की जिम्मेदारी है। इसलिए इस मामले में नियामक की ओर से मांगे गए जवाब और आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

ऑनलाइन खरीदारी करते समय ग्राहक क्या ध्यान रखें?

आज के समय में आकर्षक पैकेजिंग और सेहत से जुड़े दावे ग्राहकों को आसानी से प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन किसी उत्पाद को खरीदने से पहले केवल विज्ञापन देखकर फैसला करना सही नहीं है। ग्राहकों को खाद्य पदार्थों के पैकेट पर दी गई जानकारी, सामग्री, पोषण संबंधी विवरण, एक्सपायरी डेट और लाइसेंस संबंधी जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए। खासकर कोलेस्ट्रॉल कम करने या दिल को स्वस्थ रखने जैसे दावों को समझते समय सावधानी बरतना जरूरी है।

कुल मिलाकर, यह मामला ऑनलाइन खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों में किए जाने वाले स्वास्थ्य संबंधी दावों और उनके नियामकीय पालन को लेकर अहम सवाल खड़े करता है। ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी जानकारी जांचें और सिर्फ विज्ञापन के आधार पर उसकी गुणवत्ता या स्वास्थ्य लाभों का निष्कर्ष न निकालें।

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