नागपुर : जिले में कम बारिश और जलाशयों के घटते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने भूजल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिले के सभी 14 तालुकों में सूखे जैसे हालात के बीच अब नई निजी बोअरवेल की खुदाई और पहले से मौजूद बोअरवेल को गहरा करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। इस फैसले का उद्देश्य भूजल के तेजी से घटते स्तर को नियंत्रित करना और आने वाले समय में पानी की किल्लत को गंभीर होने से रोकना है।
जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुमार आशीर्वाद ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में लागू रहेगा। निजी व्यक्तियों, किसानों, बिल्डरों, उद्योगों और बोअरवेल की खुदाई करने वाले ठेकेदारों को इस आदेश का पालन करना होगा।
सरकारी कामकाज को छूट, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
प्रशासन के आदेश के अनुसार, पानी की कमी दूर करने और लोगों को सार्वजनिक पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकारी विभागों की ओर से किए जाने वाले अधिकृत कार्यों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। हालांकि, निजी स्तर पर नियमों का उल्लंघन कर बोअरवेल की खुदाई करने या मौजूदा बोअरवेल को गहरा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पानी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता के बीच प्रशासन का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भूजल का स्तर बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही संभव है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि बोअरवेल खुदाई पर लगाई गई रोक से भूजल संरक्षण के प्रयासों को कितनी मदद मिलती है।


