नागपुर की डॉ. मयुरी येवले को मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की फेलोशिप, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया शहर का मान

मेडिकल जेनेटिक्स में योगदान की मिली पहचान, दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों के अध्ययन के लिए मिला खास अवसर

नागपुर : नागपुर की मेडिकल जेनेटिक्स विशेषज्ञ डॉ. मयुरी येवले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कोर्स के लिए उन्हें फेलोशिप प्रदान की गई है। 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस कोर्स में उनका चयन मेडिकल जेनेटिक्स के क्षेत्र में उनके शोध और विशेष चिकित्सा सेवाओं में योगदान को देखते हुए किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से नागपुर सहित मध्य भारत के चिकित्सा क्षेत्र को नई पहचान मिली है। डॉ. येवले की इस उपलब्धि की खास बात यह है कि उन्हें चिकित्सा विज्ञान के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और अपने ज्ञान को और बेहतर बनाने का अवसर मिला है। इस फेलोशिप के तहत कोर्स का पूरा पंजीकरण शुल्क शामिल है।

दुर्लभ बीमारियों के अध्ययन का मिलेगा अवसर

डॉ. मयुरी येवले का चयन ‘सिंड्रोमोलॉजी’ और ‘डिस्मॉर्फोलॉजी’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कोर्स के लिए हुआ है। ये विषय आनुवंशिक विकारों और शरीर की संरचना से जुड़ी असामान्यताओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कोर्स के माध्यम से उन्हें आधुनिक निदान पद्धतियों, आनुवंशिक बीमारियों के विभिन्न स्वरूपों और उनके उपचार से जुड़े चिकित्सा दृष्टिकोण को गहराई से समझने का अवसर मिलेगा। इस तरह का ज्ञान मरीजों में दुर्लभ आनुवंशिक स्थितियों की पहचान और उनके बेहतर प्रबंधन की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।

नागपुर में दे रही हैं अपनी सेवाएं

डॉ. मयुरी येवले नागपुर स्थित ‘नोवाजेन जेनेटिक्स क्लिनिक’ में कंसल्टेंट जेनेटिक्स विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन से मेडिकल जेनेटिक्स में सुपर स्पेशलिटी की डिग्री हासिल की है। इससे पहले उन्होंने पीडियाट्रिक्स यानी बाल रोग विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई गोल्ड मेडल के साथ पूरी की थी। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां और शोध कार्य मेडिकल जेनेटिक्स के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता को दर्शाते हैं। अब मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के इस अंतरराष्ट्रीय कोर्स में भागीदारी से उन्हें अपने ज्ञान और शोध संबंधी समझ को और आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भी पेश कर चुकी हैं शोध

डॉ. येवले इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शोध का प्रस्तुतीकरण कर चुकी हैं। वर्ष 2024 में बर्लिन में आयोजित यूरोपीय मानव आनुवंशिकी सम्मेलन और वर्ष 2023 में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स के वार्षिक सम्मेलन में उन्होंने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए थे। उनके शोध लेख अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिकाओं में भी प्रकाशित हो चुके हैं।

युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से भी हो चुकी हैं सम्मानित

डॉ. मयुरी येवले को वर्ष 2025 में डॉ. एस. एस. अग्रवाल युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान एमआरपीएस2 जीन से संबंधित दोष, कोशिकाओं में ऊर्जा निर्माण की प्रक्रिया में कमी और विकास संबंधी असामान्यताओं के बीच संबंधों पर किए गए शोध के लिए मिला था। डॉ. मयुरी येवले की यह उपलब्धि बताती है कि नागपुर में रहकर भी चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है। उनकी फेलोशिप न केवल उनके व्यक्तिगत शैक्षणिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों के अध्ययन और बेहतर निदान की दिशा में आगे बढ़ने का एक अवसर भी है।

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