महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) में पेपरफुटी प्रकरण के बाद प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार को आयोग के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, अध्यक्ष विवेक भीमनवार के छुट्टी पर जाने के बाद अब आयोग के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त कार्यभार किसे सौंपा जाएगा, इस पर भी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सचिव पद रिक्त होने के बाद सौरभ कटियार को जिम्मेदारी
एमपीएससी के सचिव महेंद्र हरपाळकर का तबादला होने के बाद सचिव पद रिक्त था। अब इस पद का अतिरिक्त कार्यभार सौरभ कटियार को सौंपा गया है। पेपरफुटी प्रकरण के बाद आयोग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सचिव पद पर नई जिम्मेदारी सौंपने के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
11 दिनों तक चला था विद्यार्थियों का आंदोलन
एमपीएससी पेपरफुटी प्रकरण को लेकर पुणे में विद्यार्थियों ने आंदोलन किया था। आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों की मांग थी कि आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार अपने पद से इस्तीफा दें। इस मांग को लेकर विद्यार्थियों ने लगातार 11 दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच की घोषणा की। इसके बाद विवेक भीमनवार ने जांच पूरी होने तक छुट्टी पर जाने का निर्णय लिया। उनके इस फैसले के बाद आयोग के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त कार्यभार किसी अन्य सदस्य को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जांच के लिए दो महीने का समय
पेपरफुटी प्रकरण की जांच के लिए मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता में समिति गठित करने की घोषणा की गई है। इस समिति को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। साथ ही, समिति के सचिव पद पर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को नियुक्त किया गया है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे के फैसले लिए जाएंगे। फिलहाल जांच की प्रक्रिया और आयोग में हो रहे प्रशासनिक बदलावों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
अध्यक्ष पद के लिए वरिष्ठता के आधार पर होगा फैसला
विवेक भीमनवार के छुट्टी पर जाने के बाद अब अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार आयोग के किसी अन्य सदस्य को सौंपने की तैयारी है। इसके लिए आयोग के सदस्यों की वरिष्ठता को ध्यान में रखा जाएगा। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय राज्यपाल की ओर से लिया जाएगा। एमपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह मामला काफी अहम है। अब देखना होगा कि जांच समिति की रिपोर्ट और आयोग में होने वाले बदलावों के बाद इस पूरे प्रकरण में आगे क्या निर्णय लिए जाते हैं।


