नागपुर : नागपुर दौरे पर पहुंचे महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने महाराजा ऑफ नागपुर ट्रस्ट द्वारा आयोजित ऐतिहासिक मस्कऱ्या यानी हडपक्या गणपति के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने भोसलेकालीन परंपरा से जुड़े इस उत्सव के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को करीब से जाना।
मस्कऱ्या गणपति उत्सव नागपुर की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं में खास स्थान रखता है। गणेशोत्सव के बाद पितृपक्ष के दौरान मनाए जाने वाले इस उत्सव की शुरुआत वर्ष 1787 में श्रीमंत राजे खंडोजी महाराज भोसले ने की थी। तभी से यह उत्सव परंपरा और लोककला के रंगों के साथ आगे बढ़ता आ रहा है। इस उत्सव की खासियत सिर्फ गणपति आराधना तक सीमित नहीं है। यहां नकला, खड़ी गंमत, लावणी, भजन और पोवाड़े जैसी लोककलाओं की प्रस्तुति की भी परंपरा रही है। यही वजह है कि मस्कऱ्या गणपति उत्सव नागपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ माना जाता है।
दर्शन के दौरान आशीष शेलार ने इस ऐतिहासिक उत्सव को गणेशोत्सव की समृद्ध परंपरा का हिस्सा बताया और गणपति बप्पा के चरणों में वंदन किया। वहीं, मस्कऱ्या गणपति को राज्य महोत्सव का हिस्सा बनाने की पहल को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी। पुरानी परंपरा, लोककला और आस्था को एक साथ संजोए यह उत्सव आज भी नागपुर की सांस्कृतिक विरासत की याद दिलाता है।


