नई दिल्ली : लद्दाख की ऊंची और चुनौतीपूर्ण पहाड़ियों में भारतीय पर्वतारोहियों ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो देश के पर्वतारोहण इतिहास में खास जगह बनाएगी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS), दिरांग की 20 सदस्यीय टीम ने सिर्फ 23 दिनों में 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 ऐसी चोटियों पर पहली बार चढ़ाई की, जिन पर इससे पहले कोई दर्ज चढ़ाई नहीं हुई थी।
इस ऐतिहासिक अभियान का नेतृत्व कर्नल रणवीर सिंह जामवाल ने किया। टीम ने लद्दाख रेंज के चामसेर-लुंगसेर, ग्यामा नाला और चोकुला क्षेत्रों में इन चोटियों को फतह किया। यह इन 20 अनचढ़ी चोटियों के पहली बार दर्ज किए गए शिखरारोहण हैं।
23 दिनों की मेहनत, हौसले और टीमवर्क का नतीजा
ऊंचाई पर पर्वतारोहण सिर्फ शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि धैर्य, तकनीकी कौशल और टीमवर्क का भी इम्तिहान होता है। इस अभियान में पर्वतारोहियों ने बेहतर योजना, तकनीकी विशेषज्ञता और लगातार मेहनत के साथ चुनौती का सामना किया। अभियान का उद्देश्य केवल चोटियों तक पहुंचना नहीं था, बल्कि लद्दाख के ऊंचाई वाले सीमांत क्षेत्रों में साहस, रोमांच और खोज की भावना को बढ़ावा देना भी था। इस उपलब्धि से देश में युवा पर्वतारोहियों को भी नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने और चुनौतियों को स्वीकार करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
राजनाथ सिंह ने पर्वतारोहियों का किया स्वागत
25 सितंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में आयोजित फ्लैग-इन समारोह में अभियान दल का स्वागत किया। उन्होंने पर्वतारोहियों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की और इस उपलब्धि को भारत की पर्वतारोहण क्षमता और एडवेंचर स्पोर्ट्स में नेतृत्व का प्रदर्शन बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि इन सफल अभियानों ने नए मानक स्थापित किए हैं और देश के युवाओं को साहसिक गतिविधियों तथा खोज के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। समारोह में रक्षा सचिव राजेश कुमार समेत रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। 23 दिनों के इस अभियान ने एक बार फिर दिखाया कि ऊंचे पहाड़ों की चुनौती के सामने तैयारी, हौसला और टीमवर्क साथ हों, तो नई राह बनाई जा सकती है।


