बाप्पा के चरणों में कॉपी-पेन, जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद

नवग्रह मित्र मंडल, कसबा पेठ की अनोखी पहल; फूल-फल की जगह शैक्षणिक सामग्री अर्पित करने की अपील

पुणे : गणेशोत्सव का नाम आते ही बप्पा के लिए नारियल, फूल, फल और हार लेकर जाने की परंपरा याद आती है। लेकिन इस बार इस परंपरा में एक छोटा-सा, मगर बेहद भावुक और सार्थक बदलाव करने की पहल नवग्रह मित्र मंडल, कसबा पेठ की ओर से की गई है। मंडल ने ‘बप्पा के चरणों में एक कॉपी और एक पेन’ की पहल शुरू की है, जिसके जरिए जरूरतमंद विद्यार्थियों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाई जाएगी।

पुणे से करीब 40 से 50 किलोमीटर दूर भोर, वेल्हा और पुरंदर जैसे क्षेत्रों में कई विद्यार्थी आर्थिक कठिनाइयों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं। आर्थिक कमजोरी या अन्य परिस्थितियों के कारण कई बार इन विद्यार्थियों के लिए जरूरी शैक्षणिक सामग्री जुटाना भी मुश्किल हो जाता है। इसी जरूरत को समझते हुए मंडल ने गणेशोत्सव को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए यह अनोखी पहल शुरू की है। आपके लिए एक कॉपी और एक पेन भले ही छोटी-सी चीज हो, लेकिन किसी जरूरतमंद विद्यार्थी के लिए यही पढ़ाई की एक नई शुरुआत और आगे बढ़ने का मौका बन सकती है। फूल कुछ समय के लिए होते हैं, लेकिन शिक्षा का उजाला पूरी जिंदगी साथ रहता है।

इसी सोच के साथ मंडल की ओर से लोगों से अपील की गई है कि इस बार बप्पा के दर्शन के लिए जाते समय फूल-फल के साथ या उनकी जगह एक कॉपी और एक पेन जरूर लेकर आएं। भक्ति के साथ किसी बच्चे की शिक्षा में योगदान देने की यह छोटी-सी कोशिश उसके भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकती है।

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