औंढा नागनाथ मंदिर के कायापलट को 193 करोड़ की मंजूरी, संरक्षण पर CM फडणवीस का जोर

नंदी मंडप से लेकर हरिहर तालाब तक होगा विकास; भक्त निवास और 2500 क्षमता वाले प्रतीक्षा कक्ष की भी योजना

मुंबई : महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। हिंगोली जिले के प्रसिद्ध औंढा नागनाथ मंदिर के विकास और संरक्षण का रास्ता अब और मजबूत हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई शिखर समिति की बैठक में मंदिर के संशोधित तीर्थक्षेत्र विकास आराखड़े को मंजूरी दी गई। इसके लिए 193 करोड़ 55 लाख 20 हजार 474 रुपये का प्रावधान किया गया है।

औंढा नागनाथ को 12 ज्योतिर्लिंगों में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है। ऐसे में मंदिर के विकास के साथ उसकी सदियों पुरानी शिल्पकला और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखना भी सरकार की प्राथमिकता रहेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंदिर की प्राचीन शिल्पकला के संरक्षण के दौरान प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करने और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पत्थर व अन्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मंदिर के पुराने वैभव को मिलेगा नया रूप

औंढा नागनाथ मंदिर के संरक्षण और जीर्णोद्धार का काम पुरातत्व विभाग तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। मंदिर परिसर में स्थित नंदी मंडप, ओवरी और दर्शन बारी जैसी ऐतिहासिक वास्तुओं का संरक्षण किया जाएगा। इसके अलावा हरिहर तालाब और आसपास के मंदिरों का भी संवर्धन और जीर्णोद्धार किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में विद्युतीकरण, सीसीटीवी, आकर्षक रोशनी और उद्यान विकास के काम भी प्रस्तावित हैं।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं भी बढ़ेंगी

मंदिर आने वाले भक्तों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी खास ध्यान दिया गया है। योजना के तहत नए भक्त निवास का निर्माण किया जाएगा। साथ ही करीब 2500 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला प्रतीक्षा कक्ष तैयार किया जाएगा। इससे विशेष पर्वों और भीड़भाड़ के दिनों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है। धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर आने वाले भक्तों को बेहतर सुविधा देने के साथ मंदिर की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखना इस परियोजना का अहम हिस्सा होगा।

नागपुर के कल्याणेश्वर मंदिर के लिए भी 72.49 करोड़

बैठक में नागपुर के ऐतिहासिक कल्याणेश्वर मंदिर के संशोधित तीर्थक्षेत्र विकास आराखड़े को भी मंजूरी दी गई। इसके विकास के लिए 72.49 करोड़ रुपये का खर्च निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंदिर परिसर में पार्किंग व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक परिसर में यांत्रिक पार्किंग की बजाय साधारण पार्किंग व्यवस्था अधिक व्यवहार्य रहेगी।

शिवसृष्टी के चौथे चरण के लिए 50 करोड़

पुणे के आंबेगांव बुद्रुक में विकसित किए जा रहे शिवसृष्टी ऐतिहासिक थीम पार्क की भी बैठक में समीक्षा की गई। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, पराक्रम और स्वराज्य स्थापना के इतिहास को आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने वाले इस प्रकल्प के चौथे चरण के लिए 50 करोड़ रुपये का निधि मंजूर किया गया। बैठक में शिवसृष्टी प्रकल्प के अध्यक्ष जगदीश कदम ने अलग-अलग चरणों में चल रहे कामों की जानकारी प्रस्तुत की।

आस्था, इतिहास और आधुनिक सुविधाओं का संगम

औंढा नागनाथ मंदिर के विकास की यह योजना केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। एक ओर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है, तो दूसरी ओर मंदिर की सदियों पुरानी विरासत और शिल्पकला को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में औंढा नागनाथ मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक और अपनी ऐतिहासिक पहचान के लिहाज से और भी समृद्ध नजर आ सकता है।

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