नई दिल्ली : नेपाल में तिब्बत से आए भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से नेपाल में भारी तबाही हुई है। अब इसी के चलते भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 14 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
नेपाल में आई बाढ़ के कारण अब तक 95 शव मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि भारतीय नागरिकों समेत 750 से अधिक लोगों के लापता होने की बात कही जा रही है। नेपाल की त्रिशूली नदी आगे चलकर भारत में गंडक नदी का रूप लेती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
14 राज्यों में बारिश और तूफान का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और गुजरात में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों के दौरान भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है। कुछ राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने और घने जंगल तथा संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
यूपी के कई जिलों में अलर्ट
उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा, बहराइच, कानपुर, बलरामपुर, महाराजगंज, देवरिया, मुजफ्फरनगर, गौतम बुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद, हमीरपुर, प्रयागराज, सोनभद्र, फतेहपुर, गोंडा, गोरखपुर, जौनपुर, झांसी और मिर्जापुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार में भी प्रशासन सतर्क
बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गया, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, रक्सौल, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा और बेगूसराय में भारी बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद बिहार में गंडक और नारायणी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले गए हैं और करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। गंडक नदी के आसपास के जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कुशीनगर में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में संभावित बाढ़ को देखते हुए मार्चहवा, शिवपुर और आसपास के कुछ गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। गांवों में मुनादी और घोषणाओं के जरिए लोगों को सावधान किया जा रहा है।
पहाड़ी राज्यों में भी तेज बारिश का खतरा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, देहरादून, उत्तरकाशी, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल, चमोली और चंपावत में बारिश और तूफान का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, सोलन और बिलासपुर में भी भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग, बडगाम, कुलगाम, रामबन, किश्तवाड़, मीरपुर, रियासी, जम्मू और कठुआ में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन की नजर नदी के जलस्तर पर
नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक और नारायणी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।


