जालना : मराठवाड़े की कई पीढ़ियों ने सूखे का दर्द झेला है। पानी की कमी के कारण खेती और ग्रामीण जीवन पर पड़ने वाले असर को अब अगली पीढ़ी तक नहीं पहुंचने देने का संकल्प सरकार ने लिया है। “मराठवाड़े की इस पीढ़ी ने सूखा देखा है, लेकिन अगली पीढ़ी को हम सूखा नहीं देखने देंगे,” ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया।
जालना में भाजपा जिला कार्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लगातार सूखे के लिए पहचाने जाने वाले मराठवाड़े को इस संकट से स्थायी रूप से बाहर निकालने के लिए सरकार जल परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोल्हापुर और सांगली क्षेत्र में बाढ़ के दौरान बह जाने वाले अतिरिक्त पानी को उजनी बांध तक लाकर उसमें से 35 टीएमसी पानी मराठवाड़े में लाने का काम शुरू है। इससे मराठवाड़े में पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों का समुद्र में बह जाने वाला करीब 80 टीएमसी पानी कोंकण से सीधे मराठवाड़े और गोदावरी घाटी की ओर मोड़ने का भी सरकार प्रयास कर रही है। मराठवाड़े को बार-बार आने वाले सूखे से स्थायी राहत दिलाना सरकार का लक्ष्य है। पानी की कमी के कारण किसानों और आम लोगों को होने वाली परेशानी आने वाली पीढ़ी को न झेलनी पड़े, इसी दिशा में सरकार काम कर रही है। “इस पीढ़ी ने सूखा देखा है, लेकिन अगली पीढ़ी को सूखा नहीं देखना पड़ेगा। हम सूखामुक्त मराठवाड़ा बनाकर दिखाएंगे,” ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जताया।


