नाशिक : राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं के लिए इस्तेमाल होने वाला MahaDBT पोर्टल पिछले करीब ढाई महीने से तकनीकी दिक्कतों के चलते बंद है। पोर्टल बंद होने का असर विद्यार्थियों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों और अन्य लाभार्थियों पर भी पड़ रहा है। करीब 72 सरकारी योजनाओं से जुड़ा काम प्रभावित होने से छात्रवृत्ति, पेंशन और अनुदान की प्रक्रियाएं अटक गई हैं।
पहले इस्तेमाल किया जाने वाला ‘शिष्यवृत्ती 1’ पोर्टल विद्यार्थियों और कॉलेजों के लिए काफी आसान था। इसमें कॉलेजों के नाम, पाठ्यक्रम और योजनाओं से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल जाती थी। इसके बाद 1 जून से ‘शिष्यवृत्ती 2’ यानी नया पोर्टल उपलब्ध कराया गया। हालांकि, ढाई महीने बीतने के बाद भी पोर्टल पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाया है।
आवेदन जांच में छात्रों को परेशानी
पोर्टल पर विद्यार्थियों के आवेदन की जांच करते समय कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। आवेदन की प्रक्रिया में बार-बार योजना और वर्ष जैसे विकल्प चुनने पड़ रहे हैं। कई बार जरूरी दस्तावेज दिखाई नहीं देने के कारण जिला स्तर से आवेदन त्रुटि बताकर वापस भेजे जा रहे हैं। इसका असर विद्यार्थियों और कॉलेजों की आर्थिक प्रक्रिया पर भी पड़ा है। पिछले वर्ष की शिक्षा और परीक्षा शुल्क की राशि अब तक कई कॉलेजों को नहीं मिली है।
बार-बार बढ़ी पोर्टल शुरू होने की तारीख
शुरुआत में पोर्टल को अपडेट करने के लिए करीब 15 जून तक बंद रखने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद यह अवधि 30 जून और फिर 15 जुलाई तक बढ़ाई गई। लेकिन अगस्त का मध्य आ जाने के बावजूद पोर्टल अभी तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। फिलहाल अभियांत्रिकी, मेडिकल और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन करेंगे। ऐसे में पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें दूर नहीं हुईं, तो विद्यार्थियों और कॉलेजों के सामने और अधिक परेशानी खड़ी हो सकती है।
पोर्टल पर ये समस्याएं भी सामने आईं
– विद्यार्थियों और जिलानुसार डेटा दिखाई नहीं दे रहा।
– लिपिक और निरीक्षक स्तर का लॉगिन उपलब्ध नहीं है।
– ऑनलाइन आवेदन करते समय कई विद्यार्थियों को कॉलेज का नाम दिखाई नहीं दे रहा।
– ड्राफ्ट में सेव की गई जानकारी दोबारा लॉगिन करने पर डिलीट हो रही है।
– कुछ कॉलेजों को ‘प्रिन्सिपल’ और ‘इंस्टीट्यूट’ के दो अलग-अलग लॉगिन दिए गए हैं।
– कई कॉलेजों को अब तक आईडी और पासवर्ड नहीं मिले हैं।
पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण विद्यार्थियों और शैक्षणिक संस्थानों का काम प्रभावित हो रहा है। ऐसे में MahaDBT पोर्टल जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ शुरू होने की जरूरत है, ताकि लंबित आवेदन और योजनाओं से जुड़े काम समय पर पूरे हो सकें।


