नई दिल्ली : मौसम में बदलाव के साथ फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दिल्ली में H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस साल अब तक 1,344 H1N1 मरीज सामने आए हैं, जो पिछले साल की तुलना में करीब छह गुना ज्यादा बताए जा रहे हैं। शुरुआत में यह संक्रमण सामान्य फ्लू जैसा ही नजर आता है, लेकिन कुछ लोगों में इसकी स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में लगातार बुखार, खांसी या शरीर में दर्द को सिर्फ सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज करना परेशानी बढ़ा सकता है। H1N1 के लक्षणों को पहचानना और समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
क्या है H1N1?
H1N1, Influenza A वायरस का एक प्रकार है, जो मुख्य रूप से सांस से जुड़ा संक्रमण पैदा करता है और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू भी कहा जाता है। वर्ष 2009 में H1N1 संक्रमण के बड़े प्रकोप के बाद यह नाम ज्यादा प्रचलित हुआ। अब H1N1 मौसमी इन्फ्लुएंजा के रूप में भी सामने आता है।
किन लक्षणों पर दें ध्यान?
H1N1 होने पर हर व्यक्ति में लक्षणों की तीव्रता एक जैसी नहीं होती। सामान्य तौर पर इनमें बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इसके अलावा कमजोरी, ज्यादा थकान, भूख कम लगना और पसीना आने जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। वहीं, छोटे बच्चों में उल्टी, जी मिचलाना या दस्त जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।
किसे ज्यादा सावधानी की जरूरत?
स्वस्थ लोगों में फ्लू के लक्षण कई बार हल्के रहते हैं और कुछ दिनों में सुधार हो सकता है। लेकिन बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, डायबिटीज से पीड़ित लोग और हृदय या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें भी फ्लू जैसे लक्षण सामने आने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?
H1N1 से बचाव के लिए रोजमर्रा की छोटी-छोटी सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं। हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना या जरूरत पड़ने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना जरूरी है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें और बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें। अगर खुद में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो दूसरों के संपर्क में आने से बचना और आराम करना बेहतर है। डॉक्टर की सलाह से सालाना फ्लू वैक्सीन लेने पर भी विचार किया जा सकता है।
एंटीबायोटिक से नहीं होगा इलाज
H1N1 एक वायरस से होने वाला संक्रमण है, इसलिए एंटीबायोटिक्स वायरस पर सीधे असर नहीं करतीं। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना नुकसानदायक हो सकता है। मरीज की स्थिति और जोखिम को देखते हुए डॉक्टर जरूरत पड़ने पर एंटीवायरल दवाएं दे सकते हैं। अगर बुखार और खांसी लगातार बढ़ रहे हों या सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर शिकायत हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।


