पनवेल जाने वालों के लिए जोगेश्वरी बना ‘ट्रैफिक ट्रैप’, आधे घंटे तक रेंगता रहा सफर

ट्रॉमा केयर अस्पताल के पास सड़क संकरी होने से बढ़ी परेशानी; पीक टाइम में वाहनों की लंबी कतारें

मुंबई : पनवेल की ओर जाने वाले लोगों के लिए जोगेश्वरी का रास्ता इन दिनों सफर का सबसे मुश्किल हिस्सा बनता जा रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय ट्रैफिक का दबाव इतना बढ़ जाता है कि कुछ किलोमीटर का रास्ता तय करने में ही काफी समय लग रहा है। बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल के आसपास वाहनों की धीमी रफ्तार और लगातार लग रही कतारों से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है।

दरअसल, इस हिस्से में पहुंचते ही सड़क का चौड़ा हिस्सा अचानक संकरा हो जाता है। कई लेन से आने वाला ट्रैफिक सीमित लेन में समाने की कोशिश करता है। ऐसे में वाहनों की रफ्तार थम जाती है और पीछे से आने वाले वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जाता है।

काम चल रहा, सड़क की जगह घट गई

जोगेश्वरी इलाके में मेट्रो और फ्लाईओवर से जुड़े कामों के कारण कई जगह बैरिकेडिंग की गई है। इससे सड़क पर वाहन चलाने के लिए उपलब्ध जगह पहले की तुलना में कम हो गई है। ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर यही संकरी जगह बड़ी समस्या बन जाती है।

अस्पताल के पास पार्किंग ने बढ़ाई मुश्किल

ट्रॉमा केयर अस्पताल के आसपास सड़क किनारे खड़े वाहन भी यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। व्यस्त समय में जब पहले से ही वाहनों की संख्या अधिक होती है, तब सड़क पर पार्क किए गए वाहन परेशानी को और बढ़ा देते हैं। इसके अलावा विरार और बोरीवली की तरफ से आने वाले वाहनों के साथ पवई होते हुए नवी मुंबई और पनवेल की ओर जाने वाले निजी और भारी वाहनों की संख्या भी इस मार्ग पर काफी रहती है। यही वजह है कि पीक ऑवर में ट्रैफिक का दबाव तेजी से बढ़ता है।

इन जगहों पर ज्यादा परेशानी

गोरेगांव के ओबेरॉय मॉल के आसपास, जोगेश्वरी फ्लाईओवर के नीचे उतरते समय, ट्रॉमा केयर अस्पताल के चौराहे और पवई की ओर जाने वाले जेवीएलआर मार्ग पर वाहन चालकों को सबसे ज्यादा रुकावट का सामना करना पड़ रहा है।

आधे घंटे तक थम जाता है सफर

सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति ऐसी हो जाती है कि वाहन चालक करीब 30 मिनट तक ट्रैफिक में फंसे रहते हैं। रोजाना इस रास्ते से सफर करने वालों के लिए यह केवल देरी नहीं, बल्कि समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी बन रही है।

ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ध्यान जरूरी

इस समस्या से राहत के लिए केवल वैकल्पिक रास्ते बताना पर्याप्त नहीं होगा। ट्रॉमा केयर अस्पताल के आसपास नो-पार्किंग नियमों को सख्ती से लागू करने के साथ ट्रैफिक के दबाव के अनुसार सिग्नल टाइमिंग में बदलाव करना जरूरी है। सड़क निर्माण और अन्य कामों के दौरान भी वाहन चालकों के लिए पर्याप्त मार्ग उपलब्ध रहे, इसका ध्यान रखना होगा। फिलहाल आरे कॉलोनी के अंदरूनी रास्ते या पवई की ओर जाने वाले लिंक रोड जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर वाहन चालक कुछ हद तक जाम से बच सकते हैं। लेकिन जोगेश्वरी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए स्थायी समाधान की जरूरत साफ नजर आ रही है।

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