मुंबई : भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रमुख इंडेक्स Nifty-50 में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। करीब तीन दशक से इस इंडेक्स का हिस्सा रही दिग्गज आईटी कंपनी Wipro Ltd अब Nifty-50 से बाहर हो जाएगी। उसकी जगह BSE Ltd को Nifty-50 में शामिल किया जाएगा।
NSE की Index Maintenance Sub-Committee ने अर्धवार्षिक समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है। यह बदलाव 29 सितंबर 2026 को कारोबार खत्म होने के बाद प्रभावी होगा और 30 सितंबर 2026 से Nifty-50 में BSE Ltd की एंट्री आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगी।
क्यों बाहर हुई Wipro?
Nifty-50 में जगह बनाने के लिए कंपनियों को कुछ तय मानदंडों को पूरा करना होता है। इनमें कंपनी का औसत फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन भी अहम है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, BSE Ltd का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप करीब 1,40,879 करोड़ रुपये, जबकि Wipro का करीब 55,930 करोड़ रुपये है। यानी BSE का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप Wipro के मुकाबले काफी ज्यादा है। इसी वजह से इंडेक्स की समीक्षा के दौरान BSE को Nifty-50 में जगह मिली। इस दौड़ में TVS Motor और Divi’s Laboratories जैसी कंपनियां भी थीं, लेकिन तय पात्रता मानदंड पूरा नहीं करने के कारण उन्हें इस बदलाव में जगह नहीं मिली।
Wipro अब Nifty Next 50 में
Nifty-50 से बाहर होने के बाद Wipro को Nifty Next 50 इंडेक्स में शामिल किया जाएगा। Wipro के साथ Hitachi Energy India, Polycab India, Vedanta Aluminium Metal और Vodafone Idea को भी Nifty Next 50 में शामिल किया जाएगा।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
Nifty-50 में किसी कंपनी का शामिल होना या बाहर होना सिर्फ इंडेक्स में बदलाव नहीं होता, बल्कि इसका असर उस कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है। इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड और निवेशक अक्सर ऐसे बदलावों के अनुसार अपने पोर्टफोलियो में खरीद-बिक्री करते हैं। पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो Wipro के शेयर में एक साल में करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पांच साल में कंपनी के शेयर ने लगभग 40 फीसदी का नकारात्मक रिटर्न दिया है। दूसरी ओर, BSE Ltd के शेयर ने पिछले एक साल में करीब 50 फीसदी और पांच साल में 2,700 फीसदी से ज्यादा का जबरदस्त रिटर्न दिया है।
ऐसे में Nifty-50 में BSE की एंट्री और Wipro की विदाई बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि इंडेक्स में शामिल होने के बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में आने वाले दिनों में किस तरह की हलचल देखने को मिलती है।


