नई दिल्ली : राष्ट्रमंडल खेलों में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले महाराष्ट्र के पैरा एथलीट दिलीप गावित अब एक और बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ चुके हैं। उनका सपना सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि आगामी पैरा एशियाई खेलों में 100 और 400 मीटर दौड़ में विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचने का है।
हाल ही में आयोजित सम्मान समारोह में दिलीप ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान अगले बड़े मुकाबले पर है। उन्होंने बताया कि 100 मीटर दौड़ को 10.28 सेकंड में पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जो उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास शुरू कर दिया है। दिलीप का खेल सफर भी काफी प्रेरणादायक रहा है। पहले वे सामान्य एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे और राष्ट्रीय खेलों व खेलो इंडिया में पदक जीत चुके हैं। बाद में उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा, जहां 2022 में 400 मीटर स्पर्धा में एशियाई स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। अब राष्ट्रमंडल खेलों में 100 मीटर में गोल्ड जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने माना कि पैरा एशियाई खेलों में मुकाबला पहले से कहीं अधिक कठिन होगा। दोनों स्पर्धाओं में उतरना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन उनका कहना है कि 100 मीटर दौड़ उन्हें हमेशा उत्साह देती है, जबकि 400 मीटर उनकी मुख्य स्पर्धा है। ऐसे में वे दोनों इवेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे।
दिलीप ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने निजी कोच वैजनाथ काळे को दिया। उन्होंने बताया कि कोच ने सिर्फ खेल नहीं सिखाया, बल्कि हर परिस्थिति में देश के लिए खेलने का जज्बा भी दिया। गुरुपूर्णिमा के दिन राष्ट्रमंडल में जीता गया स्वर्ण पदक उन्होंने अपने गुरु को समर्पित किया। दिलीप ने भावुक होकर कहा कि उनके कोच ने उन्हें परिवार के सदस्य की तरह अपनाया और हर कदम पर साथ दिया। आगामी प्रतियोगिताओं को देखते हुए दिलीप ने फिलहाल आराम से दूरी बना ली है। उनका पूरा फोकस फिटनेस, अभ्यास और बेहतर प्रदर्शन पर है। उनका मानना है कि मेहनत ही उन्हें अगले मुकाम तक पहुंचाएगी।


