वसई-विरार : वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में फेरीवालों की लंबित मांगों को लेकर बुधवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। करीब 5 हजार फेरीवालों ने महापालिका मुख्यालय पर बेमियादी मोर्चा निकालकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी है।
फेरीवाले बचाव संघर्ष समिति की सदस्य रूपाली संदेश पवार ने महापालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014, 2015 और 2016 में फेरीवालों का सर्वेक्षण किया गया था, लेकिन आज तक उन्हें न तो स्थायी जगह दी गई और न ही पहचान पत्र जारी किए गए। समिति का आरोप है कि पिछले आंदोलन के दौरान अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत ने दो दिनों में लिखित जवाब देने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे फेरीवालों में नाराजगी बढ़ गई है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि टीवीसी (टाउन वेंडिंग कमेटी) के सदस्य होने के बावजूद फेरीवालों को फैसलों में शामिल नहीं किया जाता। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर 40, 60 और 80 रुपये की रसीदें काटे जाने पर भी सवाल उठाए गए। समिति ने मांग की है कि रसीद प्रणाली में बारकोड व्यवस्था लागू की जाए और जब तक वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। फिलहाल महापालिका की ओर से इन मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन फेरीवालों की मांगों पर क्या फैसला लेता है।


