पुणे : बुधवार शाम पुणे के हिंजेवाड़ी आईटी पार्क में अचानक 100 से ज्यादा एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो, महाराष्ट्र पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भारी मौजूदगी से कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए दहशत जैसा माहौल बन गया। हालांकि, बाद में स्पष्ट किया गया कि यह किसी आतंकी खतरे की घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए आयोजित किया गया विशेष एंटी टेरर मॉक ड्रिल था।
यह मॉक ड्रिल शाम करीब 4 बजे शुरू हुई और रात 9 बजे तक करीब पांच घंटे चली। इसका उद्देश्य किसी भी आतंकी हमले या आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल, त्वरित कार्रवाई और रिस्पॉन्स सिस्टम की जांच करना था। माण-हिंजेवाड़ी क्षेत्र की एक प्रमुख आईटी कंपनी परिसर में आयोजित इस अभ्यास में भारत के एनएसजी कमांडो के साथ अमेरिका के 17 स्पेशल कमांडो भी शामिल हुए। आधुनिक हथियारों और अत्याधुनिक तकनीक की मदद से कई तरह की आपातकालीन परिस्थितियों का अभ्यास किया गया।
हिंजेवाड़ी आईटी पार्क में रोजाना हजारों कर्मचारी काम करते हैं और यहां देश-विदेश की कई बड़ी कंपनियों के कार्यालय हैं। ऐसे में किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए इस तरह के अभ्यास को अहम माना जा रहा है। शुरुआत में भारी संख्या में हथियारबंद कमांडो और सुरक्षा बलों को देखकर कर्मचारियों और आसपास के लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई थी। लेकिन जब यह जानकारी सामने आई कि यह केवल सुरक्षा अभ्यास है, तब सभी ने राहत की सांस ली। अधिकारियों के अनुसार, यह मॉक ड्रिल सफल रही और सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का प्रभावी परीक्षण किया गया।


