नागपुर : विदर्भ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन स्थलों को अब नई पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (एमटीडीसी) की ओर से विदर्भ में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देना है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार करना है।
एमटीडीसी के प्रबंध निदेशक नीलेश गटणे (आईएएस) ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि विदर्भ को महाराष्ट्र के पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाने के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई जा रही हैं। स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी से पर्यटन स्थलों का विकास कर क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नागपुर में बनेगी ‘शिवसृष्टि’, जगह की तलाश जारी
नागपुर में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास और शौर्य को दर्शाने वाली ‘शिवसृष्टि’ परियोजना प्रस्तावित है। इसके लिए जगह की तलाश की जा रही है। महाराष्ट्र में पांच स्थानों पर शिवसृष्टि विकसित करने की योजना है, जिससे नई पीढ़ी को मराठा इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
जल पर्यटन से लेकर डेस्टिनेशन वेडिंग तक कई योजनाएं
विदर्भ के पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए कई नए प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। इनमें नवेगांव बांध में डेस्टिनेशन वेडिंग और एमआईसीई सेंटर, गोसीखुर्द और बोरधरण में जल पर्यटन परियोजना, चिखलदरा पर्यटन स्थल का विकास, शेगांव स्थित एमटीडीसी रिसॉर्ट का नवीनीकरण और वर्धा के पुराने रिसॉर्ट को आधुनिक व्यावसायिक परिसर में बदलने की योजना शामिल है। इसके अलावा लोणार सरोवर क्षेत्र में प्लेनेटोरियम और शोध सुविधाएं विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इससे लोणार जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
पीपीपी मॉडल से बढ़ेंगी सुविधाएं, युवाओं को मिलेंगे अवसर
नीलेश गटणे ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र में अनुभवी निजी संस्थाओं को भी प्रबंधन में शामिल किया जाएगा। एमटीडीसी की जमीनों और परिसंपत्तियों का संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से किया जाएगा। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। विदर्भ में ताडोबा और रामटेक जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना भी बनाई जा रही है। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विदर्भ के जंगल, संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों का एक साथ अनुभव मिल सकेगा। पत्रकार परिषद में एमटीडीसी के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक दिनेश पाटील भी उपस्थित थे।


