नागपुर : सड़क हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट किसी भी घायल की जिंदगी बचाने में सबसे अहम होते हैं। इसी सोच के साथ नागपुर शहर ट्रैफिक पुलिस और एनडीआरएफ अकादमी ने मिलकर सड़क दुर्घटना स्वयंसेवकों के लिए दो दिवसीय बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान घायलों तक समय पर और सही मदद पहुंचाना है।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को सीपीआर (CPR), खून बहना रोकने के तरीके, फ्रैक्चर होने पर घायल को सुरक्षित संभालना, प्राथमिक उपचार, घायल को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया और आपातकालीन स्थिति में तुरंत किए जाने वाले जीवनरक्षक उपायों का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर अभ्यास भी कराया, जिससे प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रशिक्षण की व्यावहारिक शैली और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को प्रतिभागियों ने काफी सराहा। इस सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद एनडीआरएफ अकादमी ने हर महीने 40 स्वयंसेवकों के एक बैच को नियमित प्रशिक्षण देने पर सहमति जताई है। साथ ही नागपुर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी छोटे-छोटे समूहों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के समापन पर सभी स्वयंसेवकों को फर्स्ट एड किट प्रदान की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की तुरंत मदद कर सकें। इस अवसर पर ट्रैफिक पुलिस ने एनडीआरएफ अकादमी के निदेशक ब्रिगेडियर सत्यनारायण, गुरिंदर सिंह और दिलीप कुमार का आभार व्यक्त किया। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल सड़क हादसों में समय पर मदद पहुंचाने, मृत्युदर कम करने और आम नागरिकों को भी आपदा के समय जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।


