नई दिल्ली : उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाली अडानी एंटरप्राइजेज के लिए जून तिमाही के नतीजे चुनौतीपूर्ण रहे हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें उसे 1,160 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज हुआ है। यह कंपनी का सालभर का सबसे बड़ा तिमाही घाटा बताया जा रहा है, जिसके बाद निवेशकों की नजर कंपनी की आगे की रणनीति पर बनी हुई है।
कंपनी के अनुसार, घाटे की मुख्य वजह अमेरिका के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के साथ हुए सेटलमेंट से जुड़ा 2,644 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च है। कंपनी का कहना है कि अगर यह असाधारण खर्च शामिल नहीं किया जाता तो जून तिमाही में कंपनी को करीब 1,295 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ होता।
खर्च में हुई बड़ी बढ़ोतरी
जून तिमाही में कंपनी के कुल खर्च में काफी इजाफा हुआ है। पिछले साल के 20,970 करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार कुल खर्च बढ़कर 32,252 करोड़ रुपये पहुंच गया। कच्चे माल पर होने वाला खर्च 3,393 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,255 करोड़ रुपये हो गया। वहीं कर्मचारियों पर खर्च भी 963 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,094 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी ने इस तिमाही में 219 करोड़ रुपये का टैक्स खर्च भी दर्ज किया है।
कारोबार विस्तार की रफ्तार जारी
भले ही कंपनी को घाटे का सामना करना पड़ा हो, लेकिन कारोबार विस्तार के मोर्चे पर कई अहम उपलब्धियां हासिल हुई हैं। अडानी न्यू इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही में 1.7 गीगावाट क्षमता वाली नई सोलर मॉड्यूल उत्पादन लाइन शुरू की है। इसके साथ कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 5.7 गीगावाट हो गई है। इसके अलावा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जुलाई 2026 से अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर भी 15 मई 2026 से टोल वसूली शुरू हुई है। वहीं कंपनी के डेटा सेंटर कारोबार को 400 मेगावाट क्षमता का बड़ा हाइपरस्केल ऑर्डर मिला है।
गौतम अडानी ने क्या कहा?
कंपनी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि एयरपोर्ट सेवा, एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट, सोलर उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी और डेटा सेंटर कारोबार में मिले बड़े ऑर्डर कंपनी के विकास के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 15,000 करोड़ रुपये के सफल क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) से कंपनी की रणनीति और कार्यक्षमता पर संस्थागत निवेशकों का भरोसा दिखाई देता है।
शेयर बाजार में कैसी रही चाल?
तिमाही नतीजों के बीच अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर में हल्की बढ़त देखने को मिली। कंपनी का शेयर 0.3 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,024.45 रुपये पर बंद हुआ। जुलाई 2026 में कंपनी के शेयर ने 3,245 रुपये का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर छुआ था, जबकि मार्च 2026 में यह 1,753.45 रुपये के निचले स्तर पर पहुंचा था। अडानी एंटरप्राइजेज के तिमाही नतीजों ने कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति को लेकर चर्चा बढ़ा दी है, लेकिन कारोबार विस्तार की योजनाओं के कारण बाजार की नजर अब कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर बनी हुई है।


