अयोध्या : राम मंदिर में कथित दान चोरी मामले को लेकर जांच लगातार आगे बढ़ रही है। एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है, वहीं दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए हैं। इस बीच ट्रस्ट ने साफ किया है कि इस विवाद का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है और मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि रामलला के दर्शन पूरी तरह सुचारु रूप से हो रहे हैं और सभी धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित परंपरा के अनुसार संपन्न किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और लोगों का विश्वास पहले से अधिक मजबूत हुआ है। दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई का स्वागत करते हुए दिनेंद्र दास ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए गठित एसआईटी को पूरा सहयोग दिया जाएगा। उनका विश्वास है कि अदालत का फैसला ट्रस्ट के पक्ष में आएगा और इससे सभी तथ्यों पर पूरी तरह से स्पष्टता आ जाएगी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण का करीब 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अब व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की समस्या की गुंजाइश न रहे। उनका कहना है कि अयोध्या के लोग पूरे घटनाक्रम से भली-भांति परिचित हैं और जांच के बाद सच्चाई सभी के सामने होगी।
इस बीच, दान चोरी मामले से जुड़ी चार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई करेगा। सुनवाई से पहले अयोध्या के कई संतों ने भी न्यायपालिका पर भरोसा जताया है। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट देश का सर्वोच्च न्याय मंदिर है और उन्हें विश्वास है कि जो भी फैसला आएगा, वह राष्ट्र और भारतीय संस्कृति के हित में होगा।


