नागपुर : किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने और विभिन्न कृषि योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रविंद्र मनोहरे ने 23 जुलाई को कटोल उपविभाग के विभिन्न कृषि प्रकल्पों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खेतों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर बेहतर फसल प्रबंधन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
दौरे की शुरुआत ढीवरवाड़ी स्थित सिट्रस एस्टेट से हुई, जहां संतरा और मौसंबी के पौधों की उपलब्धता तथा आगामी वर्ष की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इसके बाद तालुकास्तरीय तूर फसल प्रतियोगिता के विजेता डॉ. कैलास कडू के खेत का दौरा किया गया। यहां सरी-वरंबा पर टोकन पद्धति से की गई तूर की खेती का निरीक्षण करते हुए बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए।
नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के अंतर्गत सावली बुद्रुक गांव में होस्ट किसान विनायक पोहकार के खेत में सोयाबीन फसल के प्रात्यक्षिक का भी निरीक्षण किया गया। वहीं हातला गांव में किसान प्रवीण फीसके के खेत पर केंद्र प्रायोजित कपास कांती अभियान के तहत चल रहे एकीकृत फसल प्रबंधन (ICM) प्रात्यक्षिक का जायजा लेकर कपास की वैज्ञानिक खेती पर किसानों का मार्गदर्शन किया गया। इस अवसर पर उपविभागीय कृषि अधिकारी बी. ए. सातपुते, तालुका कृषि अधिकारी जयंत कौटकर सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


