गुवाहाटी : देश के कई राज्यों में बारिश आफत बनकर बरस रही है। पूर्वोत्तर राज्य असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने अब तक 41 लोगों की जान ले ली है, जबकि लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में पानी भर जाने से सड़क संपर्क टूट गया है और लोगों का सामान्य जीवन ठप पड़ गया है।
बारिश के कारण असम के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चराईदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांव जलमग्न हो गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य के 11 जिलों में लाखों नागरिक बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। राज्य में हालात इतने गंभीर हैं कि सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हुई हैं। दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक खाने-पीने का सामान और जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।
बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र, डिकोह, देसांग और धनसिरी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदी-नालों में उफान आने से कई गांवों में पानी घुस गया है और लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आज सबसे अधिक प्रभावित गोलाघाट जिले का दौरा करेंगे। इससे पहले उन्होंने जोरहाट और शिवसागर में राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में भी भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर मौसम पर टिकी है, क्योंकि लगातार हो रही बारिश से हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।


