नागपुर : राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षक और शिक्षकेत्तर पदों को लेकर अब हलचल तेज हो गई है। विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने शनिवार, 12 सितंबर को नागपुर के रवी भवन में महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत दादा पाटील से सदिच्छा भेंट की। इस दौरान विश्वविद्यालय में रिक्त पदों को भरने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने मंत्री चंद्रकांत पाटील के सामने शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों का मुद्दा रखा। उन्होंने इन पदों पर भर्ती के लिए शासन की मंजूरी देने का अनुरोध किया। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार की ओर से पहले राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय और लक्ष्मीनारायण तंत्र संस्था के लिए संयुक्त रूप से पद मंजूर किए गए थे। बाद में लक्ष्मीनारायण अभिनव तंत्रज्ञान विश्वविद्यालय अलग होकर स्वतंत्र विश्वविद्यालय बन गया। इसके बाद नागपुर विश्वविद्यालय में शिक्षक और शिक्षकेत्तर पदों की भर्ती के लिए संशोधित स्वतंत्र प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है।
अब इन रिक्त पदों को लेकर विश्वविद्यालय और शासन के बीच आगे की प्रक्रिया पर नजर है। चर्चा के दौरान मंत्री चंद्रकांत पाटील ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय और लक्ष्मीनारायण अभिनव तंत्रज्ञान विश्वविद्यालय के बीच पदों के आवंटन का मुद्दा सुलझेगा और रिक्त पदों को भरने का रास्ता साफ होगा। इस मुलाकात के दौरान कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने विश्वविद्यालय में चल रहे विभिन्न शैक्षणिक उपक्रमों की जानकारी भी मंत्री को दी। इस अवसर पर प्र-कुलगुरु डॉ. अखिलेश पेशवे और कुलसचिव डॉ. विजय खंडाळ भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अब विश्वविद्यालय में खाली पदों पर भर्ती को लेकर शासन स्तर पर होने वाले अगले निर्णय की ओर शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हैं।


