नई दिल्ली : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य से 60 बड़े व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालकर भारत पहुंचाया गया है। इस अभियान के दौरान 3972 भारतीय नाविकों को भी सुरक्षित वापस लाया गया।
केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि खाड़ी क्षेत्र की तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए विशेष योजना तैयार की गई थी। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए नाविकों को जरूरी प्रशिक्षण भी दिया गया था, जिससे संकट के समय उनकी सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।
24 घंटे सक्रिय रहा कंट्रोल रूम
भारतीय नाविकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों की मदद के लिए नौवहन महानिदेशालय का समर्पित नियंत्रण कक्ष और समुद्री क्षेत्र जागरूकता केंद्र लगातार 24 घंटे काम करते रहे। सरकार के अनुसार, इस नियंत्रण कक्ष ने नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के हजारों फोन कॉल और ई-मेल का समाधान किया। इस दौरान 15,771 फोन कॉल और 36,499 ई-मेल को संभाला गया।
सुरक्षा को प्राथमिकता, जारी की गईं गाइडलाइन
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारतीय जहाजों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में नाविकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया। किसी भी आपात स्थिति में कर्मचारियों की अदला-बदली या अन्य फैसले संबंधित नाविकों की सहमति से ही लिए गए। भारतीय नाविकों की नियुक्ति केवल लाइसेंस प्राप्त भर्ती और नियुक्ति सेवा एजेंसियों के माध्यम से की जाती है।
LPG सप्लाई बनाए रखने में भी मिली मदद
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख तेल और प्राकृतिक गैस परिवहन मार्गों में से एक है। ईरान संकट के दौरान शिवालिक, नंदा देवी, लाडकी, पाइन गैस, जग वसंत, बीडब्ल्यूडी टेल, बीडब्ल्यूईएलएम और ग्रीन सान्वी जैसे जहाजों को सुरक्षित भारत लाया गया। इन जहाजों की वजह से देश में एलपीजी की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिली।
संकट के समय भारत की तैयारी आई काम
होर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग पर चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद भारत ने अपने नाविकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति दोनों को प्राथमिकता दी। इस सफल अभियान से हजारों परिवारों को राहत मिली है और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत एक बार फिर सामने आई है।


