नई दिल्ली : नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए दाखिल की गई उनकी अंतरिम जमानत याचिका को अदालत ने फिलहाल खारिज कर दिया है। 85 वर्षीय आसाराम बापू ने अपनी तबीयत खराब होने का कारण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत की मांग की थी। हालांकि, जोधपुर एम्स की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने इस समय जमानत देना उचित नहीं माना।
एम्स की रिपोर्ट के आधार पर फैसला
जोधपुर एम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि आसाराम बापू को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखना आवश्यक है। इसी रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को लंबित रखा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ती है, तो वह दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
20 दिन के पैरोल का भी जिक्र
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट ने आसाराम बापू को फिलहाल 20 दिनों का पैरोल मंजूर किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से उन्हें अंतरिम जमानत के रूप में कोई राहत नहीं मिल सकी। लंबे समय से जेल में बंद आसाराम बापू की ओर से स्वास्थ्य कारणों को लेकर राहत की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उन्हें फिलहाल जेल से बाहर आने का रास्ता नहीं मिल पाया है।


